टीम एबीएन, रांची। पीआईएल मैनेज करने के लिए कथित रूप से पैसे के लेन-देन के अभियुक्त कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल और झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को ईडी कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने अमित अग्रवाल और राजीव कुमार की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी है।
रांची ईडी की विशेष अदालत ने 27 मार्च को डिस्चार्ज याचिका पर दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी की ओर से अधिवक्ता शिव प्रसाद उर्फ काका जी ने बहस की थी। अधिवक्ता राजीव कुमार का पक्ष अधिवक्ता शंभू अग्रवाल ने रखा था।
वहीं व्यवसायी अमित अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने बहस की थी।
अब कोर्ट दोनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया शुरू करेगी।
ईडी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पी के शर्मा की कोर्ट ने आज 6 अप्रैल को डिस्चार्ज याचिका पर अपना फैसला सुना दिया। डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद अब कोर्ट अभियुक्तों के खिलाफ चार्ज फ्रेम (आरोप गठन) की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। बता दें कि अमित अग्रवाल पीआईएल मैनेज करने के लिए पैसे देने के आरोपी हैं।
वहीं झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार भी इस केस में आरोपी हैं। उन पर कैश लेकर पीआईएल मैनेज करने का आरोप है अधिवक्ता राजीव कुमार को पिछले साल कोलकाता पुलिस ने करीब 50 लाख कैश के साथ गिरफ्तार किया था। ये पैसे व्यवसायी अमित अग्रवाल के थे। इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कर रही है। ईडी ने अमित अग्रवाल को गिरफ्तार किया था।