एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेव अरुणाचल सेव इंडिजिनस (सासी) ने सोमवार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371 (एच) को संशोधित करने के लिए राज्य विधानसभा में हाल ही में पारित निजी सदस्य प्रस्ताव पर कारवाई की मांग करते हुए राज्य सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया।
सोमवार को प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, शासी के अध्यक्ष रोमजीर रक्षप ने कहा कि वे 13 अगस्त, 2021 से संसद में अनुच्छेद 371 (ए) और 371 (जी) को लाकर पारित या संशोधित करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 2021 में विधानसभा सत्र के दौरान विधायक निनॉन्ग एरिंग द्वारा प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया था। बिल के पारित किये जाने पर राज्य सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को शामिल कर प्रतिनिधिमंडल गठित किये जायेंगे और अनुच्छेद 371 (एच) में संशोधन की मांग के लिए नई दिल्ली जायेंगे, लेकिन आज तक सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
रोमजीर ने चेतावनी देते हुए कहा कि सासी ने राज्य सरकार से तुरंत पहल करने और जल्द से जल्द एक सर्वदलीय समिति बनाने और एक महीने के भीतर व्यावहारिक रूप से कार्य करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध अप्रवासियों की प्रभावी जांच के लिए बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 के तहत वर्तमान इनर लाइन परमिट (आईएलपी) मानदंडों और विनियमन शासन में संशोधन की स्थिति की भी मांग की। सभी वन क्षेत्रों जो वन्य जीवन अभयारण्य और आरक्षित वन के कारण मानव को प्रभावित कर रहा है उन सब को तत्काल डी-आरक्षण पर काम करने की भी मांग की।