जेल के अंदर फ्रूट और सब्जियां देकर दिल्ली जेल नियमावली का उल्लंघन किया गया
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मनी लांड्रिंग मामले में जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट से राहत नहीं मिली है। स्पेशल जज विकास धूल ने उनके धार्मिक विश्वास के मुताबिक भोजन उपलब्ध कराने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जेल के अंदर सत्येंद्र जैन को फ्रूट औ? सब्जियां देकर दिल्ली जेल नियमावली का उल्लंघन किया गया। कोर्ट ने कहा कि सरकार किसी को विशेष सुविधाएं नहीं दे सकती है।
कोर्ट ने कहा कि तिहाड़ जेल प्रशासन के रिकार्ड के मुताबिक सत्येंद्र जैन ने 20 अगस्त से 10 अक्टूबर के बीच जेल की कैंटीन से फ्रूट और सब्जियां एक बार को छोड़कर कभी नहीं खरीदी। इसका मतलब है कि उन्हें फ्रूट और सब्जियां जेल में ही मिल रही थीं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जेल महानिदेशक औ? तिहाड़ जेल नंबर 7 के 26 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया और जेल नंबर 7 के अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया।
कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की इस दलील को खारिज कर दिया कि फ्रूट, सब्जियां और ड्राईफ्रूट्स उपलब्ध नहीं कराने की वजह से एक हफ्ते में दो किलो वजन 28 किलो वजन घट गया। जेल प्रशासन पर वजन कम होने का ठीकरा नहीं फोड़ा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि वजन घटने की वजह ये है कि जेल जाने के पहले दिन से जैन ने नियमित भोजन नहीं लिया। नियमित भोजन नहीं लेने पर वजन घटता है।
सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने सत्येंद्र जैन के इन आरोपों से इनकार कर दिया कि उन्हें उनके धार्मिक विश्वास के मुताबिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जेल प्रशासन ने कहा कि जैन जेल के भोजन की बजाय अपनी पसंद का खाना चाह रहे हैं। जैन की ओर से वकील राहुल मेहरा ने कहा कि सत्येंद्र जैन कट्टर जैन धर्मावलंबी हैं और वे पिछले पांच-छह महीनों से फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स खा रहे थे, लेकिन पिछले 12 दिनों से तिहाड़ जेल ने उनके धार्मिक विश्वास के मुताबिक भोजन देना बंद कर दिया है।
मेहरा ने कहा कि दिल्ली जेल नियमावली के रुल्स 339 और 341 के तहत जैन को अपने धार्मिक विश्वास के मुताबिक भोजन का अधिकार है। उन्होंने कहा था कि जैन का 21 अक्टूबर को एमआरआई स्कैन किया जाना था, लेकिन तिहाड़ प्रशासन ने वो नहीं कराया। उसके बाद कोर्ट ने तिहाड़ जेल के महानिदेशक और अधीक्षक से जवाब तलब करते हुए पूछा था कि जैन को पिछले पांच-छह महीनों में कैसा खाना दिया जा रहा था। कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन से ये भी पूछा था कि क्या दिल्ली जेल नियमावली के मुताबिक जैन को अपने धार्मिक विश्वास के मुताबिक फल, सब्जियां और ड्राई फ्रूट उपलब्ध कराया जा सकता है।