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सीएम हेमंत के समन के दिन में नहीं होगा बदलाव, बदलाव करने ईडी का इनकार

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सीएम हेमंत के समन के दिन में नहीं होगा बदलाव, बदलाव करने ईडी का इनकार
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धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 17 नवंबर को होना है पेश

टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में कथित अवैध खनन से जुड़े एक धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए 17 नवंबर को पेश होने से संबंधित समन में बदलाव करने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरने के अनुरोध पर राजी नहीं हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन ने ईडी से पेशी की तारीख 17 से घटाकर 16 करने का आग्रह किया था जिसपर जांच एजेंसी सहमत नहीं हुई है। शुरू में सोरेन (47) को ईडी ने तीन नवंबर को पेश होने का समन दिया था लेकिन वह सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्तता का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। उन्होंने तब समन को तीन सप्ताह के लिए टालने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री को धनशोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत पूछताछ तथा अपना बयान दर्ज कराने के लिए झारखंड की राजधानी रांची में ईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।

ईडी ने सोरेन के राजनीतिक सहायक पंकज मिश्रा तथा दो अन्य-स्थानीय बाहुबलियों बच्चू यादव एवं प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने कहा है कि उसने अवैध खनन से की गयी 100 करोड़ रुपये की कमाई की अबतक पहचान की है। पहला समन जारी होने के बाद सोरेन ने ईडी को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी। सोरेन ने कहा था, ईडी ने एक साजिश के तहत मुझे समन जारी किया है। यदि मैंने अपराध किया है तो पूछताछ के वास्ते समन भेजने के बजाय आओ और मुझे गिरफ्तार करो। उन्होंने कहा था, मैं न डरा हुआ हूं और न हीं चिंतिंत बल्कि मैं मजबूत बनकर उभर रहा हूं। यदि झारखंड के लोग चाह लें तो विरोधियों को छिपने की जगह नहीं मिलेगी।

ईडी ने अवैध खनन एवं जबरन वसूली की कथित घटनाओं से जुड़े मामले में साहिबगंज, बरहैत, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में 8 जुलाई को मिश्रा एवं उसके कथित सहयोगियों के 19 स्थानों पर छापा मारा था जिसके बाद उसकी जांच शुरू हुई थी। ईडी ने आरोप लगाया था, पीएमएलए जांच में खुलासा हुआ था कि मुख्यमंत्री का प्रतिनिधि होने के नाते झारखंड के साहिबगंज के बरहैत के विधायक मिश्रा का अवैध खनन धंधे तथा साहिबगंज एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में अंतर्देशीय नौका सेवा पर अपने साथियों की मदद से पूरा नियंत्रण था।

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