टीम एबीएन, रांची। झारखंड के श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता पर झारखंड हाईकोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना लगाया है। मामला 2014 में हुए बीज घोटाले से जुड़ा है। जब इस मामले में आरोप पत्र दायर हुआ था तब सत्यानंद भोक्ता कृषि मंत्री हुआ करते थे। दरअसल, इस मामले की जांच को और ज्यादा बढ़ाने को लेकर मंत्री सत्यानंद भोक्ता की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिसे बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खारिज कर दिया और मंत्री को जुर्माने की राशि झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज के खाते में जमा करने का निर्देश दिया।
दरअसल, बीज घोटाला का यह पूरा मामला साल 2004 से 2007 के बीच का है जब कुछ संस्थाओं से गेहूं, चना और दूसरे अनाज की बीज खरीद के नाम पर 46 करोड़ से ज्यादा रुपये का गबन का आरोप लगा था। इस मामले को लेकर विनित कच्छप की ओर एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इसमें तत्कालीन कृषि मंत्री समेत विभाग के कई अधिकारियों पर घोटाले के आरोप लगे थे। इसको लेकर 2014 को तत्कालीन कृषि मंत्री सत्यानंद भोक्ता समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। मंत्री सत्यानंद भोक्ता पर 50 हजार रुपये के जुर्माने पर विपक्षी भाजपा ने हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह पहला मौका है जब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी का समन मिला है और दूसरे मंत्री पर कोर्ट ने जुर्माना लगाया है। प्रतुल शाहदेव ने मंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि बीज घोटाला मामले को जांच के नाम पर लंबा खींचने की कोशिश हो रही थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।