टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राजनीतिक संकट के बीच महागठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल करीब आधे घंटे तक राजभवन में रुका। इस दौरान महागठबंधन ने नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एकजुटता का दावा किया गया। इसके साथ ही नेताओं ने राज्यपाल से सीएम पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, सांसद गीता कोड़ा, राज्य सभा सांसद धीरज साहू और जेएमएम से विजय हंसदा और महुआ मांझी ने राज्यपाल से मुलाकात की। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट की बैठक जारी है। कहा जा रहा है कि सरकार विधानसभा का विशेष सत्र भी बुला सकती है, जिसकी घोषणा कैबिनेट की बैठक के बाद की जा सकती है। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन के चार मंत्री बुधवार शाम को ही रायपुर से रांची लौट आए।
विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं हेमंत : ऐसा माना जा रहा है कि राज्य में नए सिरे से सरकार बनाने की कवायद शुरू होने वाली है। सूत्रों ने अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि हेमंत सोरेन राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर दोबारा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। बता दें कि हेमंत सोरेन आफिस आफ प्रॉफिट मामले में आरोपी हैं। वहीं राज्यपाल ने उन्हें एक दो दिन में मामले का पटाक्षेप होने का आश्वासन दिया है।
बताते चलें कि गुरुवार सुबह में यूपीए ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था। राज्यपाल ने दोपहर चार बजे उन्हें मिलने का समय दिया। दोपहर चार बजे यूपीए का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू, जेएमएम के राज्यसभा सांसद महुआ माजी, कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य और विनोद पांडेय शामिल थे।
तकरीबन आधे घंटे तक राजभवन में यूपीए के नेता रहे। फिर राज्यपाल से मिलकर यूपीए का प्रतिनिधिमंडल राजभवन से बाहर निकला। राजभवन से बाहर आने के बाद सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि यूपीए प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त करने की मांग की है। इसपर राज्यपाल ने उन्हें कहा कि वह पूरे मामले पर कानूनी सलाह ले रहे हैं और एक दो दिनों में इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा।