टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सियासी उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज 3 बड़े फैसले किये। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रभावित पात्र व्यक्तियों की चिकित्सा के लिए विभागीय स्तर से दी जाने वाली चिकित्सा सहायता राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही पहले से स्वीकृत असाध्य रोगों की सूची में ऐसे कई अन्य रोग भी सूचीबद्ध किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री ने असाध्य रोग के इलाज के लिए पहले से दी जा रही 5 लाख रुपए की राशि को पर्याप्त नहीं मानते हुए, राशि में बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राशि को बढ़ाकर अब 10 लाख रुपए कर दिया गया है। हालांकि, इस संबंध में सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में विस्तृत विवरण और सूची में नए जोड़े जाने वाले रोगों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा सीएम हेमंत सोरेन ने हजारीबाग नगरपालिका द्वारा अब तक उपभोग किए जा रहे जमींदारी अधिकारों को राज्य सरकार में निहित किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी है। यह प्रस्ताव बिहार भूमि सुधार अधिनिमय 1950 के प्रावधानों और अपर मुख्य सचिव, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की अध्यक्षता में 21 जून को बुलाई गई बैठक में अभिलेखों के हस्तांतरण के लिए दिए गए निर्देशों के अनुसार रखा गया था। इसके अलावा सीएम ने तीसरे फैसले में गढ़वा जिला के रंका अनुमंडल मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी है।