टीम एबीएन, रांची। कृषि मंत्री बादल सुखाड़ की रिपोर्ट पर लगातार समीक्षा कर रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ संभावित बैठक के एजेंडे पर विचार विमर्श किया जा रहा है। कृषि मंत्री का कहना है कि राज्य सरकार सुखाड़ प्रभावित जिलों में अपनी ओर से किसानों को फसल राहत योजना के तहत सहायता देगी। सुखाड़ की घोषणा होगी तो जो केंद्रीय सहायता का प्रावधान है, उसके तहत सहायता मिलेगी।कृषि विभाग ने हर जिला के निबंधित किसानों से फसल राहत योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किया है। साथ ही इन किसानों का निबंधन भी कराया जा रहा है। 19 अगस्त तक 9 लाख 22 हजार किसानों का निबंधन हो चुका है। इन तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर लगभग 10 लाख के आसपास पहुंच गया है। 18 अगस्त तक कृषि विभाग के पास 3 लाख 27 हजार आवेदन मिल चुके हैं।
तीन दिनों के आंकड़े को जोड़ दें तो यह लगभग चार लाख के आसपास पहुंच जाता है। इन आवेदनों का हल्का कर्मचारी से लेकर सीआई, सीओ, अपर समाहर्ता के बाद उपायुक्त से सत्यापन होने की प्रक्रिया भी चल रही है। सुखाड़ प्रभावित जिलों में गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, गोड्डा और दुमका से लगातार आवेदन मिल रहे हैं। यहां के किसानों का निबंधन भी राज्य के अन्य जिलों की तुलना में सर्वाधिक है। गढ़वा जिला में सर्वाधिक किसानों का निबंधन हो चुका है तथा आवेदन भी सबसे अधिक मिला है।