एबीएन सेंट्रल डेस्क। पर्ल्स के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। उनके पैसे को रिफंड करने की व्यवस्था कर ली गई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार लोढ़ा कमेटी के पास अब तक पर्ल्स एग्रो कॉरपोरेशल लिमिटेड, पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों में निवेश करने वाले 1.5 करोड़ निवेशकों के रिफंड क्लेम आ चुके हैं। 31 अगस्त तक क्लेम करना है। जस्टिस आरएम लोढ़ा कमिटी ने पीएसीएल लिमिटेड की अचल संपत्तियों को बेचकर अब तक 878.20 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। दरअसल, कमिटी की तरफ से इन पैसों से 60,000 करोड़ रुपये के पोंजी स्कैम केस के पीड़ित निवेशकों का पैसा लौटाया जाना है।
कमेटी ने दी जानकारी : लोढ़ा कमेटी ने कहा है कि सीबीआई ने उन्हें पीजीएफ और पीएसीएल कंपनी के स्वामित्व वाले 42,950 प्रॉपर्टी के कागजात समेत रॉल्स रॉयस, पोर्श केयेन, बेंटली और बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी सौंपीं थी। दूसरी तरफ सरकार के आंकड़ों के अनुसार लोढ़ा कमेटी के पास अब तक पर्ल एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड, पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों में निवेश करने वाले 1.5 करोड़ निवेशकों के रिफंड क्लेम आ चुके हैं। यानी सरकार के पास क्लेम करने वालों की लंबी लिस्ट पहुंच चुकी है।
सरकार कर रही है वसूली : इसके अलावा कमेटी ने पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों के खातों को फ्रीज कर 308.04 करोड़ रुपये जुटाए थे। सरकार ने कंपनी के फिक्स्ड डिपोजिट से भी लगभग 98.45 करोड़ रुपये जुटाये। कंपनी के 75 लग्जरी वहनों को बेचकर 15.62 करोड़ रुपये जुटाए हैं। वहीं, कंपनी के संपत्ति से जुड़े छह दस्तावेजों से 69 लाख रुपये जुटाए गए हैं यानी सरकार एक एक जगह से पैसे जुटा रही है।