एबीएन सेंट्रल डेस्क। आजादी के अमृत महोत्सव पर देशभर के विचाराधीन कैदियों की रिहाई की शुरुआत हो गई है। पलामू सेंट्रल जेल से 36 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है। वहीं, 160 विचाराधीन कैदियों को छोड़ने का प्रस्ताव है। इन कैदियों को चार चरणों में छोड़ा जाना है। 12 अगस्त तक इन कैदियों को रिहा कर दिया जायेगा। नई दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकार की पहल पर यूटीआरसी अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत ही पलामू जिला विधिक प्राधिकार सेवा की अनुशंसा पर पहले चलरण में 36 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है।
पलामू में 198 विचाराधीन कैदियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जिसमें से अब तक 160 कैदियों को छोड़ जाने का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। विधिक सेवा प्राधिकार ने 16 बिंदुओं को निर्धारित किया है। इन 16 बिंदुओं को जो विचाराधीन कैदियों पूरा करेंगे, उन्हें स्वतंत्रता दिवस से पहले पीआर बांड पर छोड़ा जायेगा। विधिक प्राधिकार सेवा के सचिव अर्पित श्रीवास्तव ने बताया कि वैसे विचाराधीन कैदी जिनका जमानत न्यायालय से हो चुका है। लेकिन किसी कारण से संबंधित कैदी द्वारा बेल बॉन्ड दाखिल नहीं किया जा रहा है। उन्हें पीआर बांड के माध्यम से रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। दंड प्रक्रिया संहिता 436 ए के तहत इस अभियान के तहत सभी को रिलीज किया जा रहा है। पलामू जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार चौधरी के मार्गदर्शन में विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, डीसी, एसपी और सेंट्रल जेल अधीक्षक बैठक कर विचाराधीन बंदियों को छोड़ने पर निर्णय ले रहे हैं। बताजा रहा है कि 8 और 12 अगस्त को भी विचाराधीन कैदियों को जेल से रिहा किया जायेगा।