टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राज्य सरकार टीचर एबिलिटी टेस्ट के जरिये शिक्षकों की क्षमता को आंक रही है। इस टेस्ट के जरिये सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि शिक्षक किस विषय में कमजोर हैं, जिसमें उसे प्रशिक्षण की जरूरत है। इस टेस्ट के बाद सरकार शिक्षकों को इन सर्विस ट्रेनिंग दिलाएगी। प्रशिक्षण के पूर्व शिक्षकों का टेस्ट लिया जा रहा है, टेस्ट के बाद शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि इस बात का आकलन किया जा सके कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों ने क्या सीखा. टीचर एबिलिटी टेस्ट 27 जुलाई से शुरू हुआ जो 30 जुलाई तक चलेगा। इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना पर्षद की ओर से सभी प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयक/प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी/प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पत्र भी जारी किया गया है। यह टेस्ट ट्रेंनिंग नीड एनालिसिस डीएनए के नाम से जाना जाता है।
दो घंटे का हो रहा है एग्जाम : यह टेस्ट शिक्षकों को मोबाइल के जरिये देना पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन का समय दिन के 11 बजे निर्धारित है। जिन्हें टेस्ट देना है उनके मोबाईल पर 12 बजे लिंक खुलता है और टेस्ट देने वाले टिचर के मोबाइल में पासवर्ड आ जाता है। टीचर का यूजर आईडी उनका ई विद्यावाहिनी टीचर आईडी होगा, जबकि पासवर्ड पुरे राज्य के लिए एक होगा। इसकी जानकारी राज्य कार्यालय से बनाये गए व्हाट्सएप ग्रुप की माध्यम से बीपीओ को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे सभी शिक्षक को बताया जायेगा। हर दिन का पासवर्ड अलग अलग होगा।
100 प्रश्न होते हैं : टेस्ट में 100 प्रश्न होते हैं। इसमें हिंदी, इंग्लिश और मैथ्स के सवाल होते हैं। टेस्ट दो घंटे का हो रहा है। टेस्ट दिन के 12 बजे से 2 बजे तक चलता है।
क्यों लिया जा रहा टेस्ट : दो साल कोरोना की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। शिक्षक भी क्लास नहीं ले पाये। इस एबिलिटी टेस्ट के जरिये उनकी क्षमता को आंका जा रहा है। सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों की क्षमता कितनी कम हुई है। शिक्षक किस क्षेत्र में कमजोर हुए हैं उसी अनुसार उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा।