टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 29 जुलाई से 5 अगस्त तक चलेगा। एक तरफ सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण संचालित करने की तैयारी की जा रही है तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष-विपक्ष रणनीति बनाने में जुटा है। विपक्ष के कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि मानसून सत्र हंगामेदार होगा। खास बात यह कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से सदन को लेकर 28 जुलाई को रणनीति बनाई जायेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में जहां सरकार को घेरने की रणनीति पर मुहर 28 जुलाई को लगेगी। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से सरकार की उपलब्धि और विपक्ष के मुद्दे से बचाव पर कार्ययोजना बनाई जायेगी। पूर्व स्पीकर और बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने सरकार के कामकाज की आलोचना करते हुए कहा कि सदन में सरकार को घेरने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे ही मुद्दे हैं। कानून व्यवस्था, ईडी की कारवाई जैसे कई मुद्दे पर विपक्ष सरकार से सवाल करेगी। इधर, सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की ओर से भी सदन को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। 28 जुलाई को कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी की जायेगी। कांग्रेस विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार की खामियों को सदन में रखना उसको सकारात्मक रुप में लेकर सत्तापक्ष जवाब देगा। मानसून सत्र को लेकर बुधवार को झारखंड विधानसभा में हाईलेवल बैठक होगी। स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो की मौजूदगी में होनेवाली बैठक में मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्रवाई को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने को लेकर अधिकारियों और विभिन्न दलों के नेताओं के साथ मंत्रणा होगी। इस मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे, जिसमें 1 अगस्त से लेकर 5 अगस्त तक प्रश्नकाल होगा वहीं इस दौरान अनुपूरक बजट भी सदन में लाए जाएंगे। गौरतलब है कि 29 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के दौरान 6 कार्य दिवस होंगे। सदन की कार्यवाही दिन के 11 बजे से शुरू होगी। 30 एवं 31 जुलाई को शनिवार-रविवार होने के कारण नहीं होगी। वहीं, 1 अगस्त को वित्तीय वर्ष 2022- 23 के प्रथम अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। 2 अगस्त को इस पर चर्चा के बाद इसे पारित कराया जाएगा। 3 अगस्त और 5 अगस्त को राजकीय विधेयक एवं अन्य राजकीय कार्य यदि हो तो वह होंगे। 5 अगस्त को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य, गैर सरकारी संकल्प पटल पर रखा जाएगा।