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मानव जीवन को बचाने के लिए प्रकृति का संरक्षण आवश्यक : आयुक्त

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मानव जीवन को बचाने के लिए प्रकृति का संरक्षण आवश्यक : आयुक्त
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टीम एबीएन, डाली/छतरपुर (पलामू)। आयुक्त जटा शंकर चौधरी आज छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र के ग्राम पंचायत डाली बाजार के कौशल नगर पहुंचकर नि:शुल्क पौधा वितरण शिविर का उद्घाटन किया। साथ ही पंचायत के लोगों के बीच पौधा वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और लोगों को अधिक -से-अधिक पौधरोपण करने और उसे बचाने के लिए प्रेरित किया। आयुक्त ने मोहनलाल खुर्जा व पार्वती देवी नामक दुर्लभ प्रजाति के पौधों के जैविक पार्क परिसर में दुर्लभ प्रजाति का पौधा कलपतरू का रोपण किया और पार्क एवं निमार्णाधीन पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का अवलोकन किया। साथ ही नया पार्क का शिलान्यास व भूमिपूजन किया। मौका था स्थानीय पर्यावरणविद् कौशल किशोर जायसवाल के नि:शुल्क पौधा वितरण-सह-पौधारोपण का 56वां वर्ष एवं श्री जायसवाल द्वारा चलाये जा रहे पर्यावरण धर्म एवं वनराखी मूवमेंट के 46 वें वर्षगांठ का। आयुक्त ने पेड़-पौधों से दोस्ती करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पौधों को दोस्त बनाएं। इससे पेड़-पौधे बचेंगे और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। पौधा कभी धोखा नहीं देते। पौधे की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। इसकी देखभाल जरूरी है। कोरोना संक्रमण काल में पेड़-पौधों की महत्व और समझ में आई। जब आॅक्सीजन के लिए लोग तबाह हो रहे थे। पेड़-पौधों से हमें आॅक्सीजन प्राप्त होता है। साथ ही फल-फूल एवं छाया मिलती है। आयुक्त ने कौशल किशोर जायसवाल को दुर्लभ प्रजाति के पौधों को लगाने की सलाह दी, ताकि वर्तमान व भविष्य की पीढ़ी को दुर्लभ प्रजाति के पौधों को जानने और समझने का अवसर प्राप्त हो सके। पौधे नहीं रहेंगे, तो वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ हमारी आनेवाली पीढ़ियां फल-फूल, पौधों, वनस्पतियों से परिचित नहीं होंगे। उन्होंने आमजनों को भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक रहने की बातें कही। उन्होंने कहा कि मानव जीवन को बचाने के लिए प्रकृति का संरक्षण आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रमों से लोग प्रेरित होंगे और पर्यावरण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पर्यावरणविद् कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, जो परमाणु बम से भी घातक है। हम सभी को पौधा लगाने और पौधा बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने पर्यावरण धर्म के 8 मूल ज्ञान मंत्रों का पालन करने की भी अपील की। जिला परिषद् सदस्य अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का ही परिणाम है कि सुखाड़ की स्थिति बनी है। अब भी नहीं चेते तो भविष्य और भयावह होगा। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा के लिए अधिकाधिक पौधा लगाने की अपील की। साथ ही पौधा लगाने के लिए एक-दूसरे को जागरूक करने की बातें कही। पत्रकार नागेंद्र शर्मा ने सभी को पौधा लगाने एवं उसके बचाव के लिए प्रयास करने की बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वनों की कटाई के कारण सुखाड़ एवं अन्य विभीषिका की परिस्थिति उत्पन्न हुई है। पर्यावरण प्रदूषण भी तीव्र गति से बढ़ा है। ऐसे में हमें सचेत एवं जागरूक रहने की जरूरत है। पौधा जीवन में खुशहाली लाएगा। मौके पर मुखिया पूनम जायसवाल, उप मुखिया अफजल अंसारी, सूचित कुमार जायसवाल, रामजी प्रसाद, विनोद यादव, जुबैर अंसारी, वंशीधर अंसारी, श्रवण जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित थे। 
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