टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली में हैं। उन्होंने दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इससे मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके आवास पर जा कर मुख्यमंत्री ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री सोमवार को ही विशेष विमान से दिल्ली गए हैं। झामुमो सूत्रों का कहना है कि झारखंड से जुड़े कई ऐसे मुद्दे हैं, जिससे उनको अवगत कराया जाना है। संभावना जताई जा रही है कि एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में पार्टी का स्टैंड भी क्लियर कर सकते हैं।
दूसरी खास बात है कि 28 जून को आॅफिस आॅफ प्रॉफिट मामले में सीएम की तरफ से चुनाव आयोग में पक्ष रखा जाना है। फरवरी माह में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात कर सीएम पर आॅफिस आॅफ प्रॉफिट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सदस्यता समाप्त करने की मांग की थी। भाजपा का आरोप था कि खान मंत्री के पद पर रहते हुए मुख्यमंत्री ने अपने नाम से अनगड़ा में स्टोन माइंस अलॉट कराया है, जो आॅफिस आॅफ प्रॉफिट के दायरे में आता है। भाजपा के इस मेमोरेंडम को राज्यपाल ने चुनाव आयोग को प्रेषित कर दिया था। इस पर चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से मार्च महीने में कागजात की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री को नोटिस जारी हुआ था जिस पर 28 जून को सुनवाई होनी है।
जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से झारखंड हुई कानूनी और राजनीतिक गतिविधियों के कारण केंद्र और राज्य के बीच की दूरी बढ़ी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ शिव शंकर शर्मा ने माइनिंग लीज को लेकर पीआईएल संख्या 727/ 2022 और शेल कंपनियों में भागीदारी को लेकर यह संख्या 4297/2022 दायर कर रखा है जिस पर हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हालांकि इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि राष्ट्रपति चुनाव की आड़ में कुछ आंतरिक मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।