एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के कई हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। जिसके तहत इन दिनों वहां बारिश का दौर जारी है। वहीं मौसम विभाग ने देश की राजधानी दिल्ली में जून के तीसरे सप्ताह के बाद मानसून पहुंचने का पूवार्नुमान जारी किया है। जिसके बाद से दिल्ली में मानसून को लेकर तैयारियां को दौर जारी है। इसी बीच दिल्ली की सत्ता में विराजमान केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जिसको लेकर केंद्र सरकार इन दिनों एक्शन मोड में है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार वर्ष 2022 में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच संसद का मानसून सत्र आयोजित करने की तैयारी कर रही है। सत्र के लिए इन तारीखों को अंतिम माना जा रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही आधिकारिक घोषणा भी कर देगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने की सिफारिश : केंद्र सरकार की तरफ से संसद के मानसून सत्र को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस समिति ने 18 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र आयोजित करने की सिफारिश की है। अब इन तारीखों पर अंतिम विचार किया जाना है।
मानसून सत्र में ही देश को मिलेंगे नए राष्ट्रपति : संसद का यह मानसून सत्र बेहद ही विशेष होने जा रहा है। असल में इन दिनों देश में नए राष्ट्रपति के चयन को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसको लेकर बीते दिनों केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम जारी किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत सभी राजनीतिक दलों में सहमति ना बनने पर 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए मतदान की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। वहीं परिणाम जारी होने के बाद 21 जुलाई को देश को नए राष्ट्रपति मिल जाएंगे। वही 10 जुलाई को उपराष्ट्रपति का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। जिसके कार्यक्रम की घोषणा नहीं हो रही है। माना जा रहा है कि जल्द इसकी घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में इस मानसून सत्र के दौरान देश को नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति मिलने जा रहे हैं।
17 दिन चलेगी संसद : मानसून सत्र को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंंह की अध्यक्षता वाली समिति की तारीखों पर अगर मुहर लग जाती है, तो इस बार मानसून सत्र के तहत 17 दिन संसद चलेंगी। असल में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच 17 दिन कार्यदिवस पड़ रहे हैं। वहीं इस मानसून में कई बिल भी सरकार की तरफ से पटल पर खे जा सकते हैं। इसमें बजट सत्र के चार बिल भी शामिल हैं। जिन्हें बजट सत्र के दौरान संसदीय समिति के पास भेजा गया था।