एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत आर्थिक मदद पाने वाले किसानों को ई-केवाईसी का प्रोसेस 31 जुलाई तक पूरा करना होगा। सरकार ने किसानों को राहत देते हुए पीएम किसान ई-केवाईसी (PM Kisan e-KYC) की शर्तों में ढील दी है। इसके तहत अब 31 मई की बजाय 31 जुलाई तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। बता दें कि इस योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की किस्त जमा होती है। 12 महीनों में कुल 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। देश के करोड़ों किसानों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि पीएम किसान योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले किसान अपना ई-केवाईसी 31 जुलाई तक पूरा करा सकेंगे। पहले डेडलाइन 31 मार्च थी, फिर 31 मई तक बढ़ाई गई, अब 31 जुलाई तक ई-केवाईसी का प्रोसेस पूरा किया जा सकेगा। सरकार ने कहा है कि केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न होने पर हर चार महीनों में सीधे बैंक खातों में मिलने वाली आर्थिक मदद (2000 रुपये) रुक सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि पाने के हकदार किसान सरकारी पोर्टल पर जाकर ई-केवाईसी का प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। किसानों को आधार कार्ड के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पिन (OTP) के जरिए ई-केवाईसी पूरा करने का विकल्प दिया गया है। पीएम किसान पोर्टल- https:// pmkisan.gov.in/ पर विजिट करें। "फार्मर्स कॉर्नर" में e-KYC टैब दिया गया है। ई-केवाईसी टैब पर क्लिक करने के बाद आधार नंबर भरने का विकल्प मिलेगा। आधार नंबर भरने के बाद सर्च पर क्लिक करें। इसके बाद ओटीपी भरने को कहा जाएगा। आधार नंबर के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वन टाइम पिन (ओटीपी) आएगा। मोबाइल में प्राप्त ओटीपी भरने के बाद "सबमिट ओटीपी" पर क्लिक करें। ऑफलाइन प्रोसेस कंप्यूटर या इंटरनेट सेवाओं से दूर किसान भाई ऑफलाइन केवाईसी पूरी कर सकते हैं। मोबाइल और आधार कार्ड के साथ कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं। बॉयोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा कर पीएम किसान ई केवाईसी का प्रोसेस पूरा किया जा सकता है।
21 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान किसानों के बैंक खातों में लगभग 21 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। पीएम किसान स्कीम की 11वीं किस्त के तहत जारी की गई आर्थिक मदद गत 31 मई को किसानों के बैंक अकाउंट में जमा हुई। किन किसानों को पैसे मिलते हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ वैसे किसानों को मिलता है जिनके पास खेती करने के लिए 2 हेक्टेयर से कम जमीन है। ऐसे किसान या उनके परिवार में किसी के पास भी सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए। ऐसे परिवारों में कोई भी इनकम टैक्स पेयर नहीं होना चाहिए। पीएम किसान स्कीम का लाभ उन किसानों को ही मिलता है जो किसी भी तरह की सरकारी पेंशन का लाभ न उठा रहे हों।