एबीएन सेंट्रल डेस्क। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत नीति आयोग की ओर से प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में मार्च माह के लिए रामगढ़ जिले को देश में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में मार्च महीने के आकलन में रामगढ़ जिले को पांचवां, कृषि के क्षेत्र में आठवां, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में सातवां एवं बुनियादी ढांचे में 15 वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि समग्र आकलन में जिले को इस माह छठा स्थान मिला है। बता दें कि नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में सुधार के लिए उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश पर नियमित रूप से सभी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा कर ससमय डाटा पोर्टल पर अपलोड कराने का भी निर्देश दिया गया है। भले रामगढ़ जिले ने स्वास्थ्य एवं पोषण और कृषि जैसे संकेतकों में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, लेकिन शिक्षा के संकेतक चिंतित करते हैं। डेल्टा रैंकिंग में शिक्षा के क्षेत्र में रामगढ़ की 108 वीं रैंकिंग चिंतित करने वाली है। जब किसी व्यक्ति और समाज के विकास की बुनियादी शर्त ही शिक्षा मानी जाती हो, तब 117 जिलों में शिक्षा की 108 वीं रैंकिंग आगे आने वाले दूसरे संकेतकों पर भी दुष्प्रभाव डाल सकती है। इसलिए इस पर भी फोकस करना जरूरी है।
दरअसल, भारत में लोगों के जीवन की गुणवत्ता अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला विविधताओं पर निर्भर करती है। इस आर्थिक विषमता को दूर करने के लिए देश के 117 जिलों में जनवरी 2018 में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। नीति आयोग की इस पहल का मकसद था पिछड़े जिलों की पहचान कर उनका तेजी से विकास करना। इसके अलावा देश में प्रतिस्पर्धी संघवाद की संस्कृति को बढ़ावा देकर पिछड़े जिलों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विषयों पर फोकस करना है, जिसका नागरिकों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है।
• स्वास्थ्य और पोषण।
• शिक्षा।
• कृषि और जल संसाधन।
• वित्तीय समावेशन और कौशल विकास।
• बुनियादी ढांचा।