एबीएन सेंट्रल डेस्क। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच देश अब इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बढ़ रहा है, जबकि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को भी हालिया ईंधन का विकल्प बनाने की दिशा में काम कर रही है। आम लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी अपनी ओर से सब्सिडी दे रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी एक बड़ी अपडेट यह सामने आ रही है कि आनेवाले दिनों में भारतीय सेना में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल होगा। जी हां, भारतीय सेनाने अपने वाहनों के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का फैसला लिया है। सेना के अधिकारियों ने इसके लिए रेकमेंडेशन तैयार कर लिया है। दरअसल, नई दिल्ली में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष टाटा मोटर्स, परफेक्ट मेटल इंडस्ट्रीज (पीएमआई) और रिवोल्ट मोटर्स कंपनी ने अपने-अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (एश्) का प्रदर्शन किया। इलेक्ट्रिक वाहन निमार्ताओं ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान हासिल की गई इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रौद्योगिकी और इनका प्रचलन बढ़ने के बारे में जानकारी दी। कहा जा रहा है कि जल्द ही भारतीय सेना के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हो जाएंगे। क्या है सरकार का प्लान? - भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए अधिकारियों के बोर्ड ने अपनी अनुशंसाओं को अंतिम रूप दे दिया है। इसी आधार पर भारतीय सेना तीन श्रेणियों यानी कारो, बसों और मोटरसाइकिलों में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रही है। रक्षा मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारतीय सेना में शामिल करने तथा सरकार की नीतियों के अनुरूप जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि फेम क तथा कक की सरकारी नीति ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को भरपूर बढ़ावा दिया है। बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता समाप्त कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यह बात दुहराई कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को सेना देगी प्रोत्साहन : पीबीएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे का मानना है कि परिवहन का भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों में निहित है और भारतीय सेना को इस मामले में पथप्रदर्शक बनना होगा। इस तकनीक को अपनाने में भारतीय सेना को भी अग्रणी भूमिका निभानी होगी, क्योंकि विश्व की सेनाएं भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रही हैं। भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए एक निश्चित समयबद्ध रूपरेखा तैयार करने के लिए आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशक (डीजीएसटी) लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार सिंह यादव के तहत अधिकारियों के एक बोर्ड का गठन पहले ही किया जा चुका है।