Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 24
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
राज काज

सरकार से मिली सशर्त इजाजत, दो साल बाद निकलेंगी सरहुल- रामनवमी पर शोभायात्रा

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
सरकार से मिली सशर्त इजाजत, दो साल बाद निकलेंगी सरहुल- रामनवमी पर शोभायात्रा
विज्ञापन
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना महामारी की वजह से दो वर्षों तक सरहुल और रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकल सकी। लेकिन इस बार 4 अप्रैल को प्रकृति पूजा का पर्व सरहुल धूमधाम से मनाया जाएगा और इस मौके पर शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। 10 अप्रैल को रामनवमी का त्योहार है। इस दिन भी शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसकी इजाजत झारखंड सरकार ने दे दी है। झारखंड के मुख्य सचिव के हस्ताक्षर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सरहुल और रामनवमी के दिन धार्मिक जुलूस निकालने की सशर्त इजाजत दे दी गई है। सरकार के मुताबिक, इन शोभायात्राओं में 100 से ज्यादा लोग शामिल नहीं होंगे। अगर शोभायात्राएं एक साथ निकाली जा रही हैं तो जुलूस में शामिल लोगों की अधिकतम संख्या 1 हजार हो सकती है। किसी भी हाल में शाम 6 बजे के बाद जुलूस निकालने की इजाजत नहीं मिलेगी। जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह विशेष रूप से निर्देश दिया गया है कि किसी भी शोभायात्रा में रिकॉर्डेड म्यूजिक या डीजे पर पाबंदी रहेगी। जुलूस में शामिल होने वाले लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा और वे समय-समय पर हैंड सैनेटाइज्ड करते रहेंगे। इन सबके अतिरिक्त किसी भी जुलूस के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है। बता दें कि 4 अप्रैल को सरहुल और 10 अप्रैल को रामनवमी है। दोनों त्योहारों में शोभायात्रा निकाली जाती है। शोभायात्रा की अनुमति देने के अनुरोध को लेकर रामनवमी से जुड़े कई संगठन और सरहुल से जुड़ी केंद्रीय सरना समिति समेत विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सीएम से मुलाकात की थी। सीएम ने इस पर कुछ छूट देने का आश्वासन दिया था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भी नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत लगाई गई पाबंदियां हटा ली हैं। गृह मंत्रालय व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भी लिखा है कि जहां 10 प्रतिशत से भी कम पॉजिटिविटी रेट है, वहां राज्य की स्थिति देख पाबंदियों में छूट दे सकते हैं।
विज्ञापन