टीम एबीएन, रांची। आदिवासी संगठनों ने कहा है कि 16 मार्च 2022 को सुबह 10 बजे छात्रावास में असामाजिक तत्वों द्वारा बुरी तरह तोड़फोड़ की गई। छात्रों की किताब कॉपी, पठन-पाठन सामग्री को कुएं में डाल दिया गया, बाथरूम और किचन को भी पूरी तरह से तोड़ दिया गया। घटना के तीन-चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। यह बातें रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही गई।
कहा गया कि छात्रावास में 17 मार्च को बैठक हुई जिसमें मांडर विधायक बंधु तिर्की, सिसई विधायक जिगा मुंडा, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, पूर्व विधायक सुखदेव भगत, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव एवं अन्य सामाजिक संगठन के अगुआ मौजूद थे। वहां पर सुखदेव नगर थाना प्रभारी की उदासीन रवैया को देखते हुए विधायक जिगा मुंडा ने फटकार लगाया था।
रूपा तिर्की मामले में कहां था पुलिस एसोसिएशन
शशि पन्ना ने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन हमलावर को गिरफ्तार करें। मुख्य आरोपी आज भी फरार है। जब, तक मास्टरमाइंड को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती है तब, तक हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। पुलिस एसोसिएशन वाले राजनीतिकरण करके मुद्दा से नहीं भटकाये। रूपा तिर्की हत्या मामला में पुलिस एसोसिएशन क्यों मौन थे? पुलिस एसोसिएशन द्वारा इस तरह से जातिये भेदभाव नहीं करना चाहिए। मुद्दों से न भटकाया जाए। हमारी मांग स्पष्ट है कि दोषियों की गिरफ्तारी की जाए और जो क्षति हुआ है उसे जिला प्रशासन द्वारा भरपाई किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शनिवार तक जो भी क्षति पहुंची है उसकी मरम्मत की जाएगी। सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। जिस पर हमलोग को कड़ा एतराज हैं। जिला प्रशासन आदिवासी छात्रावास मामले को बहुत हल्के में ले रही है। सुखदेव थाना प्रभारी को सस्पेंड करते हुए उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए और हम विधायकों से मांग करते है कि सदन में विशेषाधिकार हनन मामला सुखदेव नगर थाना प्रभारी के खिलाफ लाया जाए ताकि इस तरह का अभद्र व्यवहार व आगे भविष्य में न करें। प्रेस वार्ता में शशि पन्ना (सामाजिक अगुवा ), निरंजना हेरैंज टोप्पो ( अध्यक्ष जय आदिवासी केन्द्रीय परिषद), अरविंद उरांव (राष्ट्रीय समाजिक अगुवा), अल्बिन लकड़ा (महासचिव आदिवासी सेना), विकास तिर्की, अनिल अमिताभ पन्ना, मुन्ना टोप्पो चैन सिंह मर्सकोले (सामाजिक अगुवा मध्यप्रदेश) आदि मौजूद थे।