टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन के अनुसार झारखण्ड के युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार से जोड़ने का सिलसिला सतत जारी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की पहल पर कल्याण विभाग एवं पैन आईआईटी अलम्नाई फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रेझा इस दिशा में सक्रिय है।
प्रेझा का मुख्य उद्देश्य राज्य के आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के जरूरतमंद युवक- युवतियों को समय की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाकर रोजगार देना है। 2014 में मुख्यमंत्री रहते सोरेन की पहल से शुरू कल्याण गुरुकुल द्वारा दिसंबर 2019 से दिसंबर 2021 के बीच कुल 4,884 युवाओं को रोजगार दिया गया। इनमें से 3,605 युवक और 1279 युवतियां शामिल हैं। इनमें 3, 723 एसटी, 249 एससी, ओबीसी के 839 एवं 2,218 अल्पसंख्यक वर्ग के युवा शामिल हैं।
इन सभी को शापूरजी पल्लोंजी, जेएमसी प्रोजेक्ट्स, टीआई मेटल फार्मिंग, सिंथेटिक होम टेक्सटाइल्स, इंडो ऑटो समेत अन्य कंपनियों में 14,350 रुपए औसत मासिक सैलरी दी जा रही है। दिसंबर 2019 से अब तक कल्याण गुरुकुल द्वारा 5,443 एवं कौशल कॉलेज 934 युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार दिया है।