टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को संकेत दिया कि झारखंड में पंचायत चुनाव तिहरे परीक्षण के दिशा-निर्देशों के बिना आयोजित किया जा सकता है और उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण निर्दिष्ट किया जा सकता है। मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान आजसू विधायक लम्बोदर महतो के एक सवाल का जवाब दे रहे सोरेन ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में यह नहीं कहा कि पंचायत चुनाव तिहरे परीक्षण को लागू करने के बाद ही हो सकता है। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु में पंचायत चुनाव नहीं हो पाते। महतो ने पूछा था कि क्या सरकार तिहरे परीक्षण और ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का इरादा रखती है। तिहरे परीक्षण में स्थानीय निकायों के संबंध में पिछड़ेपन की प्रकृति और निहितार्थ की जांच करने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन करना शामिल है। इसकी दूसरी शर्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों में प्रावधान किए जाने के लिए आवश्यक आरक्षण के अनुपात को निर्दिष्ट करना है। तीसरा परीक्षण यह है कि आरक्षण एससी, एसटी और ओबीसी के पक्ष में आरक्षित सीटों के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।