टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन आज मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान पक्ष-विपक्ष की ओर से कई प्रश्न पूछे गए। आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो द्वारा पूछे गए एक नीतिगत प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में विस्थापन बड़ी समस्या है।
विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर विस्थापन पुनर्वास आयोग का विषय विचाराधीन है। जिस पर सरकार जल्द निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में खनन कार्य 50 से 100 वर्षों से चल रहा है। सरकार से भी जमीन ली गयी, लेकिन इसका मुआवजा अब तक नहीं मिलेगा, राज्य सरकार विस्थापितों की समस्याओं के समाधान को लेकर जल्द ही विस्थापन आयोग के गठन पर निर्णय लेगी।
भाजपा के शशिभूषण मेहता के एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि झारखंड राज्य कर्मचारी आयोग द्वारा तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों के लिए ली जानी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए हिन्दी और अंग्रेजी को नहीं हटाया गया है। उन्होंने बताया कि जेएसएससी में हिन्दी पहले से ही है। जेएसएससी की मैट्रिक एवं इंटर स्तर पर होने वाली परीक्षाओं में हिन्दी और अंग्रेजी विषय 120 अंकों का पहले से ही निर्धारित है और इसमें उत्तीर्णता का अंक 30 प्रतिशत है, इसलिए इसे दोबारा जोड़ने की जरूरत नहीं हैं।
पूर्व में मुख्य परीक्षा में भी हिन्दी की अनिर्वायता की वजह से जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के लोग छूट जाते थे। इसलिए मुख्य परीक्षा में भी इसे शामिल करने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अलग-अलग जिलों में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए भाषा का निर्धारित किया है।