टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा बजट सत्र चल रहा है। गुरुवार को सत्र के चौथे दिन सदन के बाहर विपक्ष ने पिछड़ों को आरक्षण के आधार पर त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की मांग मुखर की है। इसको लेकर विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं सत्ताधारी दल ने भी उनकी मांगों का समर्थन किया है। झारखंड में पंचायत चुनाव आरक्षण के आधार पर हो, इसको लेकर सदन के बाहर अपने हाथों में तख्ती लेकर विपक्ष के विधायक पिछड़ों को 27 फीसदी आरक्षण देने की मांग करते नजर आए। उन्होंने इसी आधार पर पंचायत चुनाव कराने की मांग की है। भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश को पालन करें, पिछड़ों को आरक्षण के आधार पर ही पंचायत चुनाव कराया जाए। उनका कहना है कि लेकिन मौजूदा सरकार ने आरक्षण को दरकिनार कर पंचायत चुनाव कराने की घोषणा की है, जिसका वो लोग विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में 56 प्रतिशत पिछड़ों की आबादी है, इसी के आधार पर सरकार बनती है। लेकिन सरकार की नींद नहीं खुली है और पिछड़ों के साथ अन्याय कर रही है सरकार अगर पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव नहीं कराती है तो आगे वृहद रूप से आंदोलन होगा। के विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने भी विपक्ष के इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि निश्चित रूप से राज्य में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिले, उसी के आधार पर झारखंड में पंचायत चुनाव हो। उन्होंने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पंचायत चुनाव कराए। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही कैबिनेट में इसकी मंजूरी दे दी है लेकिन पिछड़ों को 27% की आरक्षण मिलना ही चाहिए।