टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 का 2698.14 करोड़ का तृतीय अनुपूरक बजट पास हो गया है। इसके साथ ही सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस अनुपूरक बजट में पेट्रोल सब्सिडी के लिए सरकार ने 100 करोड़ का प्रावधान किया है। साथ ही पोषण सखी के मानदेय के भुगतान के लिए 38 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
अनुपूरक बजट के कटौती प्रस्ताव पर बीजेपी विधायक अमर बाउरी ने कहा कि मार्च महीने में अनुपूरक बजट लाने का कोई औचित्य नहीं है। यह सरकार मूल बजट और दो अनुपूरक बजट की राशि का अब तक सिर्फ 40 फीसदी ही खर्च कर पाई है। वित्तीय वर्ष के अंत में खर्च करने में तीव्रता दिखाकर मार्च लूट का ताना-बाना बुना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के उमाशंकर अकेला ने बीजेपी सरकार के कार्यकाल में किए गए गलत निर्णयों पर विपक्ष को घेरा। इस दौरान कई बार बीजेपी विधायकों के साथ नोक-झोंक भी हुई। माले विधायक विनोद सिंह ने सरकार के अनुपूरक बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को खर्च का ब्यौरा देते हुए अनुपूरक बजट लाना चाहिए। वहीं जब वाहन खरीद के लिए राशि का प्रावधान हो सकता है, तो पोषण सखी के मानदेय के लिए क्यों नहीं अनुपूरक बजट पर सरकार का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। रामेश्वर उरांव ने कहा कि भारत सरकार से मिलने वाली राशि को खर्च करने के लिये अनुपूरक बजट जरूरी है। इसी तरह राज्य सरकार ने पेट्रोल सब्सिडी को लेकर भी अनुपूरक बजट में प्रावधान किया है। सरकार ने 100 करोड़ का प्रावधान किया है। नई योजना के लिए अनुपूरक बजट लाया जाता है। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि पोषण सखी के मानदेय के भुगतान के लिए 38 करोड़ रुपये का प्रावधान अनुपूरक बजट में किया गया है। अनुपूरक बजट की राशि से कहीं कोई मार्च लूट नहीं होने जा रही है। साथ ही सरकार अब भविष्य में अनुपूरक बजट लाने के पहले सदन में खर्च का ब्यौरा रखेगी। माले विधायक विनोद सिंह के सुझाव को सकारात्मक रूप से सरकार ने लिया है।