टीम एबीएन, रांची। मोरहाबादी के सैकड़ों दुकानदारों के लिए मोरहाबादी मैदान के दूसरे छोर में अस्थाई तौर पर दुकान लगाने की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि लगभग 12 दिनों से यह दुकानदार बेरोजगार हैं और इसी से आक्रोशित होकर उन्होंने जहां उनकी दुकान है वहीं उसे खोलने का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद सोमवार उनके लिए प्रशासन की ओर से दुकान लगाने की अस्थाई व्यवस्था की जा रही है।
27 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में गोलीकांड के बाद सैकड़ों दुकानदार अचानक से बेरोजगार हो गए। मोरहाबादी मैदान में ठेले और खोमचे वाले अपनी दुकान लगाते हैं। लेकिन गोलीकांड के बाद पुलिस प्रशासन और निगम की ओर से जारी आदेश के बाद उनकी दुकान बंद करा दी। लगभग 12 दिनों से ये दुकानदार स्थान देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस बीच प्रशासन की ओर से लगातार अस्थाई तौर पर दुकान मुहैया कराने को लेकर प्रयास किया जा रहा था। रविवार को दुकानदारों ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर जल्द से जल्द अगर उन्हें दुकान खोलने की नई जगह नहीं दी गई तो वे वहीं पर अपनी दुकान फिर से खोलेंगे जहां पर वह मौजूद है। इसके बाद जो भी स्थिति उत्पन्न होगी उसकी जिम्मेदार सिर्फ जिला प्रशासन होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मोरहाबादी मैदान के आसपास फुटपाथ पर ठेला खोमचा लगाकर जीविका चलाने वाले लोगों के लिए मोरहाबादी फुटबॉल मैदान के पीछे अस्थाई रूप से दुकान लगाने के लिए व्यवस्था कर रही है। जिला प्रशासन ने कहा है कि वेंडर मार्केट निर्माण के बाद उन्हें स्थाई तौर पर दुकान मुहैया कराया जाएगा। फिलहाल, वह अस्थाई तौर पर वहां दुकान लगा सकते हैं। लेकिन अतिथिशाला से लेकर बापू वाटिका तक कोई दुकान नहीं लगेंगी। यह निर्देश निगम और प्रशासन की ओर से जारी किया गया है। सोमवार को इन दुकानदारों के लिए जगह चिह्नित किए जाने के बाद जिला प्रशासन और निगम की टीम साफ सफाई में लगी रही। इस दौरान दुकानदारों ने कहा कि यह जगह बेहतर है। अगर सुरक्षा के साथ उन्हें वहां अपनी दुकान चलाने दी जाए तो तो उन्हें किसी भी तरह की आपत्ति नहीं है।