टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने शनिवार को कहा कि झारखंड के लिए केंद्रीय बजट में पहले के मुकाबले साढ़े चार हजार करोड़ अधिक का प्रावधान किया गया है, इसलिए झारखंड सरकार को चाहिए कि इसका लाभ लेकर आगे बढ़े। मुंडा ने कहा कि झारखंड सरकार यह सुनिश्चित करे कि राज्य अब पिछड़ा न रहे। केंद्रीय मंत्री ने घोड़ाबांधा स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार केन्द्रीय बजट में अगले 25 वर्षों के लिए बनाए गए आर्थिक विकास स्वरूप को सही मामलों में धरातल पर उतारने का काम करे। इस वर्ष सेंट्रल टैक्स एवं ड्यूटी के डेब्युलेशन के मद में 27 हज़ार करोड़ रुपये झारखंड को उपलब्ध कराए जाएंगे, जो 2021-22 के मुकाबले लगभग 5 हजार करोड़ ज्यादा है। इसके अलावा भी वित्त आयोग के 2972 करोड़, समग्र शिक्षा अभियान के 1096 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 976 करोड़, गंगा रेनोवेशन के 187.5 करोड़ तथा ऊर्जा मद में 1771 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट विजन पर पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुंडा ने कहा कि बजट 2022-23 आगामी 25 वर्षों के विजन पर केंद्रित है। इन 25 वर्षों में हमारा भारत और भारत के नागरिक समेत आने वाली पीढ़ी अर्थव्यवस्था की दृष्टि से स्वालंबन के मामले में आगे रहेगी। मुंडा ने कहा कि पूरा विश्व कोरोना महामारी की चुनौती का मुकाबला कर रहा है और एक चौराहे पर दुनिया खड़ी है। हमें इस महामारी को अवसर में बदलना है। इसे टर्निंग प्वाइंट के रूप में देखना है और हमें यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में हम दुनिया में वैश्विक दृष्टि से अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में, मानव संसाधन के क्षेत्र में, मानव पूंजी के क्षेत्र में संपूर्णता के साथ इस देश को संगठित रूप में प्रस्तुत करें। मंत्री ने कहा कि यह समय नए अवसरों का है। नए संकल्पों की सिद्धि का है। यह हमें आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि 25 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राज्यमार्ग निर्माण का लक्ष्य इस बजट में रखा गया है, वहीं देश भर में 400 नए वंदे भारत ट्रेन चलाने का निर्णय किया गया है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए छोटे और लघु उद्योगों को भी बढ़ावा देने का कार्य किया जाएगा। मुंडा ने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद कृषि क्षेत्र को और आगे बढ़ाने के लिए भी कई तरह की योजना इस बजट में लाई गई है।