टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने मंत्रालय सभागार में नवनियुक्त 19 में से 17 लोकपालों को नियुक्ति पत्र दिया। दो लोकपालों को अनुपस्थित रहने के कारण नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका। इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलम ने सभी लोकपालों से मनरेगा के कार्यों का निरीक्षण, सुनवाई और समाधान पारदर्शी तरीके से करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी कवायद का मकसद यह है कि योजना का आउटपुट मिले। छोटी-मोटी शिकायतों का ससमय समाधान हो। छोटी-छोटी गड़बड़यिों को ध्यान देकर सुधारें। मंत्री ने कहा कि मनरेगा कोविड काल में काफी प्रभावी रहा है। उन्होंने कहा कि हम मनरेगा से काम देने के साथ लोगों की परिसंपत्ति का निर्माण भी करें। यह परिसंपत्ति पशु शेड आदि निर्माण के द्वारा हो। वहीं जल समृद्धि योजना के तहत प्राकृतिक जलस्रोतों का निर्माण कर ग्रामीणों को सौंपे। साथ ही इसकी भी व्यवस्था करें कि जलस्रोतों में पानी हमेशा बरकरार रहे। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को अपनी परती जमीन पर पौधरोपण, सब्जी की खेती आदि करने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। राज्य के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने सभी नवनियुक्त लोकपालों से कहा कि वे अपने उत्कृष्ट दायित्व निर्वहन से रोल मॉडल बनें।
धैर्यपूर्वक एक जज की तरह समस्या या शिकायतों को सुनें, परखें और निर्णय लें। जरूरत समझने पर सजा का भी अनुमोदन करें। उन्होंने लोकपालों से ज्यादा से ज्यादा फील्ड विजिट करने को कहा। योजना क्रियान्वयन की जियो टैगिंग करने पर बल दिया।