टीम एबीएन, रांची। राज्य के विभिन्न जिलों में 14 राइस मिल के निर्माण की आधारशिला रखी गयी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्माण कार्य का ऑनलाइन शिलान्यास किया। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने शिलान्यास किया। राज्य के दस जिलों में 14 आधुनिक राइस मिल को रियायती दर पर जियाडा जमीन उपलब्ध कराएगी। मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, उद्योग सचिव पूजा सिंघल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव हिमानी पांडे मौजूद रहे। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण दिन है। सरकार किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास कर रही है। जियाडा के माध्यम से 14 राइस मिल बनेगा। वर्तमान में 80 राइस मिल है। राज्य में विगत चार पांच वर्षों से सरकार धान खरीद करती रही है। किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिलना बेहद ही चिंताजनक है। धान की खरीद से लेकर मिल तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण काम है। 14 राइस मिल से भी आवश्यकता पूरा नहीं होगी, इसलिए यहां कई और राइस मिल खोलने की आवश्यकता है। जियाडा के माध्यम से काफी कम कीमतों पर राइस मिल खोले जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द से जल्द यह राइस मिल बनकर तैयार हो जाएगा जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। मौके पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने खुशी जताते हुए कहा कि इन राइस मिल के बनने से किसानों के साथ-साथ सरकार को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक धान को छत्तीसगढ़, बिहार एवं राज्य के अन्य सुदूरवर्ती जिलों में भेजना पड़ता था। विभाग ने 20 राइस मिल खोलने का प्रस्ताव रखा है मगर अभी 14 मिलों का शिलान्यास हो रहा है बाकी आगे देखा जाएगा। मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने राज्य में दाल और आटा मिल भी खोलने की मांग करते हुए कहा कि इसके न होने से हो रही कठिनाइयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।