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झारखंड : मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ का प्रस्ताव

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झारखंड : मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ का प्रस्ताव
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  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के संकल्प से झारखंड में आधुनिक चिकित्सा के नये युग की तैयारी 
  • झारखंड के गरीबों को भी मिलेगा बड़े शहरों जैसा इलाज! मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ का प्रस्ताव 
  • रिम्स के बाद झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र का नया मील का पत्थर बन सकती है मेडिको सिटी 
  • रोबोटिक सर्जरी, सुपर स्पेशियलिटी और डिजिटल हेल्थ से लैस होगा झारखंड! मेडिको सिटी की तैयारी तेज 
  • 20 साल पहले शुरू हो जाता यह काम तो झारखंड आज बहुत आगे होता.. मेडिको सिटी पर डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा बयान 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक, तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक ऐतिहासिक पहल की ओर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मेडिको सिटी एवं मेडिकल टूरिज्म परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से राज्य में आधुनिक अस्पतालों, सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं और अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी के विकास का मार्ग प्रशस्त करने का लक्ष्य है। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पिछले दो वर्षों से वह मेडिको सिटी परियोजना पर लगातार काम कर रहे थे। परियोजना के प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा की गयी, तकनीकी पहलुओं पर विचार किया गया और झारखंड में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की दिशा में प्रयास किये गये। 

स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेज के अनुसार, मेडिको सिटी की आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए 284 करोड़ 17 लाख 24 हजार 900 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव परियोजना के आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 

सीएम हेमंत सोरेन का विजन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का संकल्प 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने हमेशा राज्यहित के कार्यों में उनका मनोबल बढ़ाया है और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने में सहयोग दिया है। 

उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हृदय से बधाई और धन्यवाद देता हूं। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया और राज्य के हित में आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। मेडिको सिटी जैसी परियोजना झारखंड के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारा उद्देश्य है कि गरीब, आदिवासी, ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों को भी वही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलें, जिनका लाभ देश के बड़े शहरों में उपलब्ध है। 

डॉ. अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी वर्ग विशेष का अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता हैं। यदि बड़े और संपन्न परिवारों के लोग देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं, तो झारखंड के गरीब, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को भी अपने राज्य में आधुनिक इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि मैं स्वयं एक चिकित्सक हूं और मुझे इस बात का अनुभव है कि गंभीर बीमारी के समय मरीज और उसके परिवार को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। मेरी कोशिश है कि मेरे चिकित्सकीय अनुभव का लाभ झारखंड की जनता को मिले और किसी परिवार को इलाज के अभाव में असहाय न होना पड़े। 

वेल्लोर, दिल्ली, मुंबई और दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य 

झारखंड के अनेक मरीज गंभीर बीमारियों, जटिल आॅपरेशन, कैंसर उपचार, हृदय रोग और अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। इलाज के साथ यात्रा, रहने और परिजनों के खर्च का अतिरिक्त बोझ भी परिवारों को उठाना पड़ता है। मेडिको सिटी परियोजना का उद्देश्य राज्य के भीतर उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि भविष्य में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य शहरों पर निर्भरता कम करनी पड़े। 

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में ऐसे आधुनिक अस्पताल विकसित करने की दिशा में प्रयास होना चाहिए, जहां जटिल बीमारियों की जांच, विशेषज्ञ परामर्श, सर्जरी, गहन चिकित्सा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं एक ही स्वास्थ्य व्यवस्था के अंतर्गत उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार का लक्ष्य केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इलाज की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता और आम जनता की पहुंच को बेहतर बनाना है। 

रोबोटिक सर्जरी से डिजिटल हेल्थ तक, आधुनिक चिकित्सा तकनीक पर रहेगा जोर 

मेडिको सिटी को आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के अवसर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है। परियोजना के क्रियान्वयन और अंतिम तकनीकी योजना के अनुसार निम्नलिखित सुविधाओं को विकसित करने की संभावनाएं हैं: 

  1. रोबोटिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी: उपयुक्त मामलों में आधुनिक सर्जिकल तकनीक के माध्यम से अधिक सटीक आॅपरेशन, छोटे चीरे और मरीज की रिकवरी में सहायता। 
  2. डिजिटल हेल्थ एवं इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड: मरीजों की डिजिटल मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट, उपचार संबंधी रिकॉर्ड और अस्पतालों के बीच बेहतर सूचना समन्वय की व्यवस्था। 
  3. टेलीमेडिसिन एवं टेली-कंसल्टेशन: दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराने की संभावनाएं। 
  4. सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा: हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, किडनी रोग, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और अन्य जटिल चिकित्सा क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार। 
  5. अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं: आधुनिक रेडियोलॉजी, उन्नत पैथोलॉजी, डिजिटल इमेजिंग और अन्य आवश्यक जांच सुविधाओं के विकास पर जोर। 
  6. इमरजेंसी एवं क्रिटिकल केयर: गंभीर मरीजों के लिए आपातकालीन चिकित्सा, ट्रॉमा केयर, आईसीयू, वेंटिलेटर और आवश्यकतानुसार उन्नत जीवनरक्षक सुविधाओं का विस्तार। 
  7. मेडिकल शिक्षा एवं विशेषज्ञ मानव संसाधन: विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण तथा आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने की संभावनाएं। 

इन तकनीकी सुविधाओं का वास्तविक स्वरूप परियोजना की विस्तृत योजना, स्वीकृत डिजाइन, संसाधनों और क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। सरकार का व्यापक लक्ष्य झारखंड में गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। 

अस्पतालों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि आधुनिक अस्पतालों के विकास के लिए केवल भवन बनाना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उपयुक्त भूमि, निर्बाध बिजली, स्वच्छ पानी, सड़क संपर्क, मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी, प्रशिक्षित मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और मरीजों के अनुकूल वातावरण की आवश्यकता होती है। 

उन्होंने कहा कि झारखंड में बड़े अस्पतालों और विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थानों को आकर्षित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में प्रयास किया जायेगा। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को बेहतर विकल्प मिलेंगे और राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े रोजगार एवं निवेश के अवसर भी बढ़ सकते हैं। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्तापूर्ण इलाज, प्रशिक्षित विशेषज्ञ, पारदर्शी व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं महत्वपूर्ण होंगी। 

अगर यह काम 20 साल पहले शुरू हुआ होता, तो झारखंड आज बहुत आगे होता 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है। यदि पहले ही इस दिशा में दूरदर्शी पहल की गई होती, तो राज्य चिकित्सा के क्षेत्र में और आगे बढ़ सकता था। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य आलोचना करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में वास्तविक बदलाव लाना है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। 

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को भी सकारात्मक कार्यों का समर्थन करना चाहिए। हर पहल की आलोचना करना समाधान नहीं है। हमें मिलकर ऐसा झारखंड बनाना है, जहां गरीब से गरीब व्यक्ति को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि जब किसी चिकित्सक को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मिलती है, तो उसका चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव नीतियों, मरीजों की जरूरतों और जमीनी चुनौतियों को समझने में उपयोगी साबित हो सकता है। इसी अनुभव के आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और आधुनिक तकनीक के विस्तार के लिए काम किया जा रहा है। 

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी स्वास्थ्य मंत्री की सोच को बताया महत्वपूर्ण 

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी समझ और विजन की सराहना करते हुए कहा कि विभाग में योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर निरंतर कार्य किया जाता है। 

स्वास्थ्य मंत्री के चिकित्सकीय अनुभव और नयीसोच से विभाग को योजनाओं को समझने तथा उन्हें आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों के महत्व पर भी जोर दिया। मेडिको सिटी जैसी बड़ी परियोजना को सफल बनाने के लिए नीति-निर्धारण, तकनीकी विशेषज्ञता, वित्तीय नियोजन और प्रशासनिक समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। 

रिम्स के बाद मेडिको सिटी झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि फकटर सहित राज्य के मौजूदा चिकित्सा संस्थानों को मजबूत करने के साथ-साथ मेडिको सिटी जैसी नयी परियोजनाओं का विकास झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, मेडिकल टीम, अधिकारियों और सभी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग में एक समर्पित टीम है, जो योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। 

डॉ. अंसारी ने कहा, मेरी सोच और योजनाओं को अधिकारी तथा कर्मचारी मिलकर कागज से धरातल तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। मैं पूरी टीम का आभारी हूं। हमारा लक्ष्य है कि झारखंड की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में किसी परिवार को परेशानी न उठानी पड़े। 

झारखंड को स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम 

मेडिको सिटी परियोजना से राज्य में आधुनिक अस्पतालों, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल टूरिज्म के विकास की संभावनाएं जुड़ी हैं। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से मरीजों को अपने राज्य में बेहतर उपचार विकल्प मिल सकते हैं, स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञ मानव संसाधन का विकास हो सकता है और झारखंड चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ा सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की पहल का प्रमुख उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाना है। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का संदेश स्पष्ट है-झारखंड के गरीब, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। बेहतर इलाज आर्थिक स्थिति पर निर्भर मजबूरी नहीं, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचने वाली स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए। झारखंड मेडिको सिटी परियोजना इसी लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बन सकती है।

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