बारामुड़ी खटाल को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान
27 अक्टूबर को सांसद ढुलू महतो की मौजूदगी में होगी ऐतिहासिक महापंचायत!
मापी से मचा हड़कंप, 200 से अधिक परिवारों के सिर से छिनने वाला है छत
हले पुनर्वास, फिर विस्थापन... की गूंज
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के सदर अंचल के बारामुड़ी खटाल में इन दिनों माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा की जा रही मापी के बाद से खटाल में रहने वाले लोगों की नींद उड़ गयी है। उन्हें डर है कि कहीं रातों-रात उनका घर, खटाल और रोजगार सब कुछ उजाड़ न दिया जाये।
इसी डर और गुस्से के बीच खटाल वासियों ने अब चुप बैठने की बजाय आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया है। खटाल बचाओ समिति, बारामुड़ी के बैनर तले आगामी 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को दोपहर ठीक 3 बजे बारामुड़ी खटाल प्रांगण में एक विशाल आमसभा / महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है, जो धनबाद की राजनीति में बड़ा संदेश देने वाली है।
मुख्य अतिथि होंगे धनबाद सांसद ढुलू महतो, खटाल वासियों को बड़ी उम्मीद
इस महापंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में धनबाद के लोकप्रिय सांसद श्री ढुलू महतो जी उपस्थित रहेंगे। खटाल वासियों का कहना है कि ढुलू महतो जी हमेशा से गरीब, मजदूर, किसान और विस्थापितों की आवाज रहे हैं। जब-जब धनबाद में किसी गरीब पर संकट आया है, ढुलू महतो सबसे पहले पहुंचे हैं। इस बार भी खटाल के 200 परिवारों को उनसे ही सबसे ज्यादा उम्मीद है। महापंचायत में खटाल वासी अपनी पीड़ा, अपना दर्द सीधे सांसद महोदय के सामने रखेंगे और मांग करेंगे कि वे उनकी लड़ाई को रांची से लेकर दिल्ली तक पहुंचायें।
क्यों डरे हुए हैं खटालवासी
बारामुड़ी खटाल में करीब 200 से अधिक परिवार रहते हैं। ये परिवार यहां 10-20 साल से नहीं, बल्कि पीढ़ियों से रह रहे हैं। इनमें ज्यादातर परिवार दूध, पशुपालन, खटाल और मजदूरी से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से जिला प्रशासन और अंचल कार्यालय की टीम बारामुड़ी खटाल में जमीन की मापी कर रही है। मापी की टीम को देखकर ही लोगों में हड़कंप मच गया।
लोगों को आशंका है कि मापी के बाद प्रशासन नोटिस देगा और फिर बुलडोजर लेकर आ जायेगा। हमें बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था दिए उजाड़ दिया जायेगा। हमारे बच्चे कहां जायेंगे? हमारे जानवर कहां जायेंगे? हमारा रोजगार कहां जायेगा? खटाल वासियों का साफ कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर गरीबों को उजाड़ना उन्हें मंजूर नहीं है।
महापंचायत की प्रमुख बड़ी मांगें
27 अक्टूबर की महापंचायत में खटाल बचाओ समिति सांसद के सामने 5 बड़ी मांगों का मांग-पत्र सौंपेगी :
- विस्थापन पर तत्काल रोक : जब तक पुनर्वास की पक्की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक किसी भी परिवार को नहीं हटाया जाये, कोई बुलडोजर नहीं चलेगा।
- जमीन का पट्टा दो : वर्षों से रह रहे सभी 200 से अधिक परिवारों को जमीन का पट्टा और मालिकाना हक दिया जाये।
- पक्का पुनर्वास : हर परिवार को पक्का मकान, बिजली, पानी, सड़क और स्कूल की व्यवस्था के साथ पुनर्वास दिया जाये।
- रोजगार की सुरक्षा : खटाल से जुड़े दूध व्यवसाय और पशुपालन को बचाया जाये। विस्थापन की स्थिति में वैकल्पिक जगह पर खटाल की व्यवस्था हो।
- मापी में पारदर्शिता : मापी की पूरी प्रक्रिया में खटाल वासियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाये, चोरी-छिपे मापी नहीं हो।
समिति का कहना है कि अगर इन मांगों को नहीं माना गया तो यह आंदोलन और बड़ा होगा। खटाल वासी धरना, प्रदर्शन और चक्का जाम तक करने को मजबूर होंगे।
खटाल में बैठकों का दौर तेज, घर-घर जाकर दिया जा रहा न्योता
महापंचायत को सफल बनाने के लिए खटाल बचाओ समिति ने कमर कस ली है। समिति के पदाधिकारी घर-घर जाकर लोगों को न्योता दे रहे हैं। हर दिन खटाल में छोटी-छोटी बैठकें हो रही हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में भी इस महापंचायत को लेकर काफी उत्साह है। महिलाओं का कहना है कि अगर खटाल उजड़ गया तो उनके बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। इसलिए वे भी बढ़-चढ़कर महापंचायत में हिस्सा लेंगी।