पूजा से पहले आउटसोर्स एवं एनएचएम कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करें : विशेष सचिव
16 अक्टूबर तक सितंबर माह के बकाया मानदेय का भुगतान करने का निर्देश, सभी सहियाओं को 12 हजार रुपये मानदेय मिलने की रिपोर्ट भी मांगी
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा ने राज्य के सभी जिलों में आउटसोर्स कर्मियों एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा एवं अन्य त्योहारों से पहले सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गयी, जिसमें विभिन्न जिलों में मानदेय भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गयी। वीसी में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला तथा डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित सभी जिलों के सिविल सर्जन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक के दौरान विशेष सचिव ने सभी जिलों से आउटसोर्स कर्मियों एवं एनएचएम कर्मियों के मानदेय भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कई जिलों के अधिकारियों ने बताया कि जुलाई एवं अगस्त माह तक के मानदेय का भुगतान कर दिया गया है।
इस पर डॉ. नेहा अरोड़ा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 16 अक्टूबर तक सितंबर माह तक के सभी बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाये, ताकि त्योहार से पहले सभी कर्मियों के बैंक खातों में राशि पहुंच सके और वे बेहतर तरीके से त्योहार मना सकें। उन्होंने कहा कि आने वाले महीना के लिए मानदेय भुगतान हेतु यदि किसी जिले को अतिरिक्त राशि की आवश्यकता है, तो संबंधित जिले तत्काल राशि की मांग विभाग को भेजें। विभाग की ओर से आवश्यक राशि उपलब्ध करायी जायेगी।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि त्योहार से पहले किसी भी कर्मी का मानदेय भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में विशेष सचिव ने सहियाओं के मानदेय भुगतान की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी जिलों को यह स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया कि सभी सहियाओं को 12 हजार रुपये का मानदेय प्राप्त हुआ है या नहीं।
इसके साथ ही उन्होंने भुगतान से संबंधित विवरण एवं भुगतान पत्रक भी भेजने को कहा, ताकि सहियाओं को मानदेय भुगतान की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जा सके। विशेष सचिव ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि मानदेय भुगतान के मामले में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें और त्योहार से पहले सभी संबंधित कर्मियों के खातों में राशि पहुंचाना सुनिश्चित करें।