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झारखंड : गवर्नर ने किया श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति रांची दही-हांडी प्रतियोगिता का उद्घाटन

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झारखंड : गवर्नर ने किया श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति रांची दही-हांडी प्रतियोगिता का उद्घाटन
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श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति रांची के आयोजन में झारखंड के राज्यपाल ने नमो दही-हांडी  प्रतियोगिता का उद्घाटन किया 

राज्यपाल ने नमो दही हांडी की प्रतियोगिता का में रोड में  किया उद्घाटन  

पुरुष एवं महिला गोविंदा के दोनों कलाकारों  ने दिखाया उत्साह और साहस  

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर शनिवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी समिति  के सानिध्य में आयोजित भव्य नमो दही-हांडी प्रतियोगिता का उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के बीच सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन एवं मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार उपस्थित रहे। राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता और महत्व को और बढ़ा दिया। 

राज्यपाल ने आयोजन का प्रारंभ दीप प्रज्वलित के प्रारंभ किया। मंच पर माखन से भरी दही हांडी को नारियल से अपने शुभ हाथों से फोड़ कर नमो दही हांडी प्रतियोगिता का शुभांरभ किया। दीप प्रज्वलन में मुख्य संरक्षक सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, सांसद आदित्य साहू, संरक्षक सी पी सिंह, नवीन जायसवाल महापौर  रोशनी खालखो, उपमहापौर  नीरज कुमार संरक्षक अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, वरुण साहू, प्रमोद सारस्वत भी थे। 

इस अवसर पर धार्मिक आस्था, रोमांच, सांस्कृतिक विविधता और देशभक्ति के रंगों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में शहरवासियों ने हिस्सा लिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से जुड़े इस पारंपरिक पर्व को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप देते हुए नमो दही-हांडी प्रतियोगिता के साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। 

कार्यक्रम में विश्व प्रसिद्ध मंदिर मुंबई से सतीश कृष्ण मूर्ति की पहुंची कलाकारों की टीम ने भजन जैमिंग के द्वारा श्री कृष्ण के गीतों से मन मोह लिया। गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधे -राधे- राधे- गोविंदा, वृंदावन नंदा। श्री कृष्णा गोबिन्दा हरे मुरारी के भजन जैमिंग के द्वारा अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कर्नाटक वंदे मातरम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों में उत्साह और देशभक्ति का संचार किया।  

इस अवसर पर दर्शकों के बीच 2000 तिरंगा का वितरण समिति के द्वारा किया गया। वन्दे मातरम के गीत पर हराजो लोगो के हाथों के तिरंगे हाथों में लहरा रहे थे। देश भक्ति का यह रूप सचमुच हमें एक नये भारत का एहसास करा रहा था।  

राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शुभारंभ हुआ आयोजन 

नमो दही-हांडी कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल की उपस्थिति में हुआ। राज्यपाल ने आयोजन समिति, गोविंदा दलों, कलाकारों और उपस्थित शहरवासियों को जन्माष्टमी की एवम नमो दही हांडी   प्रतियोगिता के आयोजन की शुभकामनाएं दीं। मुख्य संरक्षक व रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा 16 वर्षों से यह आयोजन हो रहा है। भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाये रखने के साथ-साथ समाज में एकता और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने वाला यह जन्माष्टमी का त्योहार है।  

पुरुष और महिला गोविंदा दलों ने दिखाया साहस 

नमो दही-हांडी प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता पुरुष और महिला गोविंदा दलों की भागीदारी रही। इस प्रतियोगिता में पुरुष गोविंदा की  5 टीमों ने हिस्सा लिया 

  1. जय जवान गोबिंदा, चुटिया 
  2. राधे राधे ग्रुप, किशोर गंज 
  3. नेशनल हुमिनीति योगा ग्रुप 
  4. शिव शक्ति कलब, मालती माडर 
  5. बजरंग दल मालती, माडर  

2 महिला गोबिन्दा ने हिस्सा लिया 

  1. नेशनल बूस्टर आॅफ योगा 
  2. राधा रानी ग्रुप मांडर खरगे 

पुरुष गोविंदा दलों के लिए 25 फीट की ऊंचाई पर दही-हांडी बांधी गयी थी, जबकि महिला गोविंदा दलों के लिए 20 फीट की ऊंचाई निर्धारित की गयी थी।  ऊंचाई तक पहुंचने के लिए गोविंदाओं ने मानव पिरामिड का निर्माण किया। जैसे-जैसे पुरुष व महिला गोविंदा दलों ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर हांडी तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया, पूरे अल्बर्ट एक्का चौक का वातावरण रोमांच से भर गया। नीचे खड़े साथी गोविंदाओं ने लगातार उत्साह बढ़ाया और दर्शकों ने तालियों एवं जयकारों के साथ प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। इस बीच श्री कृष्ण के गीतों ने धूम मचा दी। हांडी फोड़ने के अंतिम प्रयास के दौरान दर्शकों में विशेष उत्सुकता दिखाई दी। 

विजेता टीमों के लिए नकद पुरस्कार 

  • पुरुष गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 71,000 तथा  
  • द्वितीय पुरस्कार 41,000 रखा गया था।  
  • महिला गोविंदा वर्ग में प्रथम पुरस्कार 51,000 तथा द्वितीय पुरस्कार 31,000 निर्धारित किया गया था। 
  • प्रतियोगिता के समापन के बाद विजेता टीमों को मंच पर सम्मानित किया गया और निर्धारित नकद पुरस्कार प्रदान किये गये।  

मुंबई की टीम ने बांधा समां 

कार्यक्रम में मुंबई से पहुंची कलाकारों की टीम ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों ने संगीत, नृत्य और देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में अलग रंग भर दिया। वंदे मातरम की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रस्तुति के दौरान आयोजन स्थल पर देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला। 

अलग-अलग राज्यों की संस्कृति और कला को एक मंच पर प्रस्तुत करने से कार्यक्रम को राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समन्वय का स्वरूप मिला। मुंबई से आये कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दही-हांडी प्रतियोगिता के रोमांच के बीच दर्शकों को सांस्कृतिक मनोरंजन का भी अवसर दिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा, संगीत और नृत्य ने पूरे आयोजन को उत्सव के रंग में रंग दिया। साथ ही कानपुर से पधारे मन्नू पंडित ने कई भजन पेश किये। 

आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित 

कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक संजय सेठ, संरक्षक सी. पी. सिंह, अजय मारू, अध्यक्ष मुकेश काबरा, महापौर रोशनी खलखो, उप महापौर नीरज कुमार, वरुण साहू, रविंद्र मोदी, ऐश्वर्य सेठ, रमेन्द्र कुमार, पवन बजाज, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, कमलजीत सिंह शंटी, सतीश सिन्हा, ललन श्रीवास्तव, राज वर्मा, पूनम आनंद, नीतू सिंह, नीलम चौधरी, कुमुद झा, भीष्म सिंह, नीरज चौधरी, संजय जायसवाल, ललित ओझा, संजीव साहू, विपिन वर्मा, विजय ओझा, विजय यादव, शंकर दुबे, राजीव वर्मा, संतोष सेठ, संजय गोयल, मनोज कुमार, सतेन्द्र सिंह गुड्डू, संजय सिंह लल्लू, मनीष लोधा, अशोक पुरोहित, अमित चौधरी, आनंद श्रीवास्तव, राहुल सिन्हा चंकी, रतन अग्रवाल, गौरव काबरा, मुकेश पांडेय, रमाशंकर बगड़िया, अमन प्रकाश, राजीव सहाय, बैजू सोनी और सोनू भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 

आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने राज्यपाल, सभी अतिथियों, गोविंदा दलों, कलाकारों, प्रायोजकों, कार्यकर्ताओं एवं कार्यक्रम में पहुंचे शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। मारवाड़ी युवा मंच के द्वारा चाय बिस्किट पानी की हजारों लोगों के लिए नि:शुल्क ब्यवस्था थी वही माहेश्वरी सभा द्वारा इकुप्रेसर की व्यवस्था तथा एम्बुलेंस नागरमल मोदी सेवा सदन द्वारा आॅर्किट हॉस्पिटल द्वारा रखा गया था। 

सफल आयोजन के लिए सभी का जताया आभार 

आयोजन समिति की ओर से कहा गया कि नमो दही-हांडी को सफल बनाने में सभी सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गोविंदा दलों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया और शहरवासियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन का उत्साह बढ़ाया। 

समिति ने कहा कि दही-हांडी केवल हांडी फोड़ने की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह साहस, विश्वास, सहयोग, अनुशासन और टीम भावना का प्रतीक है। साथ ही जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। 
आयोजन समिति ने भविष्य में भी रांची में ऐसे भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। 

नमो दही-हांडी का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विविधता, खेल भावना और मनोरंजन का ऐसा संगम बनकर सामने आया, जिसने राजधानी रांची को उत्सव के रंग में रंग दिया। राज्यपाल की गरिमामयी उपस्थिति, गोविंदा दलों का रोमांचक प्रदर्शन, महिला प्रतिभागियों का उत्साह, मुंबई की टीम की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कर्नाटक वंदे मातरम और विजेताओं का सम्मान—इन सभी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।

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