- राज्यपाल से मिल हमर अधिकार मंच के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति और सूचना आयोग में लंबित पड़े 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर शीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने की मांग की
- हाल के दिनों में सूचना आयुक्त के प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में सामने आए तथ्यों के आलोक में सूचना आयुक्त का प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार निर्धारित करने की भी मांग की गयी
- झारखंड में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित हो : दीपेश निराला
टीम एबीएन, रांंची। हमर अधिकार मंच का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर उनको विगत मई, 2020 से झारखंड राज्य सूचना आयोग में बंद हुई सुनवाई और द्वितीय अपीलवाद एवं शिकायतवाद के निष्पादन के संबंध में एक ज्ञापन देकर मांग किया कि झारखंड में जल्द मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवायी जाय, वर्तमान में दिनांक 10.06.2026 को नियुक्त चार सूचना आयुक्त जिन्हें दिनांक 01.07.2026 को शपथ दिला दिया गया है।
उनके द्वारा उनका मूल काम द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर सुनवाई और निष्पादन का कार्य प्रारंभ करवाया जाय, क्योंकि विगत 6 वर्षों से झारखंड में राज्य सूचना आयोग में सुनवाई बंद है और करीब 25000 से अधिक आवाज सुनवाई हेतु लंबित पड़े हुए हैं, जिस कारण सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
जिसे देख सरकार ने विगत दिनों चार सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की है, साथ ही विगत दिनों जिस प्रकार सूचना आयुक्त द्वारा प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले अखबारों के माध्यम से सार्वजनिक हुए हैं, उन पर भी मंच ने जांचोपरांत कार्रवाई की मांग करते हुए झारखंड में सूचना आयुक्त के प्रोटोकॉल और विशेषाधिकार के निर्धारण की मांग राज्यपाल से की।
इस पर राज्यपाल ने कहा कि वह इस मामले को राज्य सरकार को प्रेषित करते हुए झारखंड राज्य सूचना आयोग में लंबित वादों की सुनवाई प्रारंभ हो, इस पर कार्रवाई करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, महासचिव उमाशंकर सिंह, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बेगवानी और कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय शामिल थे।