- गवर्नर से मिलकर देवेंद्रनाथ महतो ने की होटवार जेल पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग
- जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो होटवार जेल यौन शोषण प्रकरण मामले पर राज्यपाल से की मुलाकात
- होटवार जेल प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो, कैदियों को मिले नियमानुसार हक-अधिकार एवं मूलभूत सुविधाएं : देवेंद्रनाथ महतो
टीम एबीएन, रांची। होटवार जेल यौन शोषण मामला तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर रांची स्थित होटवार केंद्रीय कारा में बंद महिला कैदी के गर्भवती होने की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही जेलों में कैदियों को नियमानुसार मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित कराने की मांग उठायी गयी।
ज्ञापन के माध्यम से देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि यदि महिला कैदी के गर्भवती होने की खबर सत्य है, तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था एवं महिला सम्मान पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति अपराधी हो सकते हैं, परंतु वे भी संविधान प्रदत्त मानवीय अधिकारों एवं सम्मानजनक जीवन के अधिकारी हैं। जेल मैनुअल एवं सरकारी नियमों के अनुरूप कैदियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, समय पर स्वास्थ्य सुविधा एवं अन्य मूलभूत अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मामले को संवेदनशील बताते हुए उचित स्तर पर परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
जेएलकेएम ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई, महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली सुदृढ़ करने, तथा जेलों में कैदियों के हक-अधिकार एवं मूलभूत सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित की जायें। ज्ञापन सौंपने में प्रतिनिधिमंडल में जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, संगठन महासचिव मनीष कुमार साहू, संजीव रंजन प्रसाद, कलेश्वर बड़ाईक, फूलेश्वर बैठा थे।