एबीएन सेंट्रल डेस्क। लोकसभा की संरचना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने संसद के लिए एक अहम संविधान संशोधन बिल पेश करने की तैयारी कर ली है, जिसके तहत लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है।
यह कदम देश की जनसंख्या और प्रतिनिधित्व के नए संतुलन को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय की गयी हैं।
इस बदलाव की सबसे अहम बात यह है कि 2026 की जनगणना के बाद होने वाले पहले परिसीमन या पुनर्निर्धारण के आधार पर नयी सीटों का निर्धारण किया जायेगा। इसके साथ ही महिला आरक्षण को लागू करने के लिए भी कानूनी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 82(3) को हटाने का भी प्रस्ताव रखा है, जिससे परिसीमन की समय-सीमा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होगा।