केंद्र सरकार ने रांची में की 303 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की शुरुआत, अब जाम और हादसों से मिलेगी राहत!
टीम एबीएन, रांची। रांची में सड़क विकास को लेकर एक बड़ी पहल की गयी है। केंद्र सरकार ने यहां यातायात सुधार और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए दो अहम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत की है।
संजय सेठ ने रिमोट दबाकर इन योजनाओं की आधारशिला रखी
बीते शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 303 करोड़ रुपये की दो बड़ी सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया। रांची में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी इसमें हिस्सा लिया और रिमोट दबाकर इन योजनाओं की आधारशिला रखी।
इन परियोजनाओं के तहत रांची-जमशेदपुर रोड (एनएच-33) पर रामपुर चौक के पास एक अंडरग्राउंड टनल बनायी जायेगी। वहीं रांची-हजारीबाग रोड पर इरबा के विकास चौक में एक आधुनिक ओवरब्रिज बनाया जायेगा।
ट्रैफिक जाम कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आयेगी
सरकार का कहना है कि ये दोनों परियोजनाएं करीब दो साल में पूरी हो जायेंगी। इनके बनने से रांची और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आयेगी। संजय सेठ ने बताया कि रामपुर चौक और विकास चौक पर अक्सर जाम और दुर्घटनाएं होती थीं।
इस समस्या की जानकारी देने के सिर्फ 15 दिन के अंदर ही परियोजना को मंजूरी मिल गयी। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में इस समय करीब 45 हजार करोड़ रुपये की लागत से 1500 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों पर काम चल रहा है।
कुछ प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
- गोला-ओरमांझी सड़क लगभग 90% पूरी हो चुकी है
- ओरमांझी फ्लाईओवर को मंजूरी मिल गयी है
- घोरालिंग, फुलदुंगरी और बहरागोड़ा में अंडरपास बनाये जा रहे हैं
- चिल्गु नदी पर पुल 2027 तक पूरा होगा
- इटकी और चांडिल में रेल ओवरब्रिज बन रहे हैं
बेहतर सड़क सुविधा से झारखंड का विकास होगा
इसके अलावा चरही और चुटुपालू घाटी में सड़क चौड़ीकरण का काम जल्द शुरू होगा। रांची-महुलिया और कोडरमा-मेघातरी सड़क परियोजनाएं भी जारी हैं। आने वाले समय में झारखंड को 17 हजार करोड़ रुपये की नयी सड़क परियोजनाएं मिलेंगी, जिनमें 450 किलोमीटर सड़क निर्माण शामिल होगा।
वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का हिस्सा भी इसमें जोड़ा जायेगा। रांची में 6000 करोड़ रुपये की लागत से 195 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड बनाने की भी योजना है, जिसकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
कार्यक्रम में टोल प्लाजा से जुड़ी शिकायतें भी सामने आयीं। इस पर संजय सेठ ने अधिकारियों को नियमों का पालन करने और गलत तरीके से वसूली होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बेहतर सड़क सुविधा से झारखंड का विकास होगा और लोगों को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी।