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रांची : सदर अस्पताल में बनेगा 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

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रांची : सदर अस्पताल में बनेगा 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
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झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन को लेकर बड़ी पहल 

टीम एबीएन, रांची। अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी। बैठक मे  कई विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 
बैठक में राज्य के सदर अस्पतालों को इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड 2022 मानकों के आधार पर विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान अस्पतालों के जीर्णोद्धार, बेड क्षमता में वृद्धि तथा आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। 

रांची सदर अस्पताल परिसर में 200 बेड के अत्याधुनिक स्पेशलिटी  अस्पताल के निर्माण  की प्रगति की समीक्षा की गयी। अपर मुख्य सचिव ने इसके साथ ही बोकारो, धनबाद, सरायकेला, चाईबासा, गोड्डा और रामगढ़ जिलों के लिए तैयार डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पर चर्चा करते हुए आवश्यक संशोधन कर शीघ्र पुन: प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। बैठक में धनबाद, साहिबगंज, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ एवं गढ़वा के सदर अस्पतालों के जीर्णोद्धार को स्वीकृति दी जा चुकी है। बैठक में नामकुम परिसर के हॉलिस्टिक डेवलपमेंट प्लान पर चर्चा की  गयी, जहां  स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जायेंगी। 

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी सदर अस्पतालों में कैंसर मरीजों के लिए डे-केयर यूनिट स्थापित किये जाने हैं। उक्त केंद्रों में जांच से लेकर उपचार तक की समुचित सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। ऐसे अस्पतालों में रेडिएशन सुरक्षा के मद्देनजर प्रत्येक अस्पताल में अलग बंकर निर्माण सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने टाटा कैंसर हॉस्पिटल और मेडिको सिटी तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए रिंग रोड से जोड़ने हेतु पहुंच पथ निर्माण का प्रस्ताव भी रखा। इस संबंध में पथ निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु पत्र भेजने के निर्देश दिये गये। 

बैठक में यह भी सामने आया कि राज्य में एंबुलेंस, ट्रॉमा, आपातकालीन एवं गहन चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी है। इस स्थिति में सुधार के लिए नामकुम परिसर रांची में एक केंद्रीकृत कौशल एवं सिमुलेशन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर विचार विमर्श किया गया। यह केंद्र एक समय में 500 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने में सक्षम होगा और देश में एक अनूठा मॉडल स्थापित करेगा, जिसमें प्रत्येक तल पर अत्याधुनिक सिमुलेशन प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

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