टीम एबीएन, रांची। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गयी और निम्नलिखित निर्णय/ निर्देश पारित किये गये, जिनमें
- निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी। 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी। विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।
- विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा पीटीएम का गठन अनिवार्य रूप से करना है। जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियां पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है। शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी। शुल्क समिति एवं पीटीएम से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।
- पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है। सीबीएसई के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते। पुस्तकों में बदलाव केवल पांच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा। विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।
- परिवहन शुल्क परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।
- पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर पीटीए की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।