35000 यात्रियों की रहेगी क्षमता, अब नहीं होगी कोई भीड़!
टीम एबीएन, रांची। रांची का रेलवे स्टेशन अब कुछ ही महीना में आपको एकदम कोई महानगर के एयरपोर्ट जैसा दिखने में लगेगा। क्योंकि यहां पर प्लेटफार्म नंबर 6 और साउथ गेट लगभग बनकर तैयार है। प्लेटफार्म नंबर 6 का पटरी से लेकर प्लेटफार्म तक तैयार कर दिया गया है। प्लेटफार्म के लिए अब बस टाइल्स मार्बल जैसा फिनिशिंग काम ही बाकी है। वह भी एकदम युद्ध स्तर पर तेजी से की जा रही है।
वहीं, साउथ गेट बन जाने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभी लोग मेन गेट से घुसते हैं। अब आप पीछे की तरफ से भी आ पाएंगे। अगर आप रेलवे स्टेशन के पीछे के साइड रहते हैं या उस तरफ से आते हैं तो आपको घूम कर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक तो समय बचेगा और में गेट पर जो लोड होता है। यात्रियों का यह भी कम होगा।
यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
जी प्लस टू संरचना वाले इस अत्याधुनिक भवन को यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 447 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 330 करोड़ रुपये स्टेशन भवन के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं। शेष राशि फर्नीचर, इंटीरियर और अन्य सुविधाओं पर खर्च होगी। दो मंजिला नए स्टेशन भवन में 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं।
इसके अलावा यात्रियों के ठहराव के लिए 100-100 कमरों वाले रिटायरिंग रूम भी बनाए जा रहे हैं। पुनर्विकास के बाद रांची स्टेशन पर एक समय में करीब 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभव हो सकेगी। वहीं, बैठने की व्यवस्था को भी विशेष रूप से बेहतर किया जा रहा है। फूड प्लाजा क्षेत्र में ही लगभग 2500 यात्रियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध होगी। यानी कि अब आपको पीक टाइम में भी बैठने के लिए किसी और के उठने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
24 घंटे चल रहा है काम
यहां पर आपको 24 घंटे काम करते हुए इंजीनियर, लेबर देखने को मिलेंगे। आप किसी भी समय पर पहुंच जाइए। इंजीनियर कर स्टाफ सारे लगे हुए हैं और बड़ा सा वर्क इन प्रोग्रेस का टैग भी लगा हुआ है। यानी आने वाले कुछ महीनो में अब यात्री को या आधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी और अभी प्लेटफार्म में जिस तरीके से थोड़ी भीड़ हो जाती है या कई बार डॉरमेट्री नहीं मिल पाती है, फुल हो जाती है। इन सारी मुश्किलों से निजात मिलेगी।