टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ, झारखंड के उन बेहतरीन स्कॉलर्स से मिलकर खुशी हुई जो यूनिवर्सिटी आफ एडिनबर्ग, यूनिवर्सिटी आफ आक्सफोर्ड, एसओएएस यूनिवर्सिटी आफ लंदन, लंदन स्कूल आफ इकोनॉमिक्स और यूनिवर्सिटी आफ सेंट एंड्रयूज जैसे दुनिया भर में जाने-माने इंस्टीट्यूशन्स में हायर एजुकेशन और रिसर्च कर रहे हैं।
झारखंड के गांवों से दुनिया की कुछ बेहतरीन यूनिवर्सिटीज तक का उनका सफर एक कॉन्फिडेंट और उभरते हुए झारखंड की उम्मीदों को दिखाता है।
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप के जरिये, झारखंड की अबुआ सरकार आदिवासी युवाओं और पिछड़े समुदायों के स्टूडेंट्स के लिए ग्लोबल एकेडमिक रास्तों को मजबूत कर रही है।
जैसे ही झारखंड एक युवा राज्य के तौर पर 25 साल पूरे कर रहा है, हमारा विजन 2050 शिक्षा, सम्मान और मौके पर आधारित है, यह पक्का करते हुए कि और भी कई युवा दिमाग अपनी जड़ों से गहराई से जुड़े रहते हुए ग्लोबल स्टेज पर चमकें। उनमें से हर एक पर गर्व है। झारखंड का भविष्य सुरक्षित और काबिल हाथों में है।