इन बातों का रखें ध्यान नहीं तो चुनाव से होना पड़ेगा दूर
टीम एबीएन, रांची। नगर निकाय चुनाव में यदि आप किस्मत आजमाना चाहते हैं तो आपके लिए यह खबर बेहद ही महत्वपूर्ण है। थोड़ी सी भी कोताही बरतेंगे तो प्रत्याशी बनने से दूर हो जायेंगे। 29 जनवरी से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। ऐसे में इस चुनाव में किस्मत आजमाने की चाहत रख रहे लोगों को आयोग के प्रावधानों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।
प्रत्याशियों के लिए जारी गाइडलाइन
नामांकन के समय प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम तीन समर्थकों को लेकर जायेंगे। आगामी 4 फरवरी तक दिन के 11 से 3 बजे तक होने वाले नॉमिनेशन को लेकर जारी गाइडलाइन की जानकारी देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि नामांकन स्थल के सौ मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने तीन समर्थकों के साथ जायेंगे।
अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी निर्देश
- किसी भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी द्वारा राजनैतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना, प्रदर्शन बिना सक्षम पदाधिकारी के पुर्वानुमति के आयोजित नहीं किया जायेगा।
- जुलूस में किसी भी व्यक्ति के पास किसी भी प्रकार का धारदार हथियार जो मानव शरीर के लिए घातक हो, को लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
- पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, वाहन आदि के साथ प्रयोग को निषेधित किया जाता है। आवश्यकतानुसार सभी संबंधित पक्ष निदेशित शर्तों पर समक्ष प्राधिकारों से इस हेतु लिखित अनुमति प्राप्त कर ही लाउडस्पीकर का प्रयोग कर सकेंगे।
- बिना परमिशन के किसी भी गाड़ी पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल पूरी तरह से मना है। नॉइज पॉल्यूशन रूल्स 2000 और झारखंड हाई कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करेंगे।
- सार्वजनिक क्षेत्रों में 75 डिसिबल से न्यून ध्वनि मानक तथा रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर रोक रहेगी। उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
- किसी सार्वजनिक/ सरकारी संपत्ति पर नारे लिखना, पोस्टर/ पैंप्लेट चिपकाना, पार्टी विशेष का झंडा लगाना, सार्वजनिक सड़कों पर बैनर लगाना, होर्डिंग लगाना एवं तोरण द्वार लगाने पर प्रतिबंध रहेगा। उक्त प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर प्रिवेंशन आॅफ डिफेसमेंट आॅफ प्रॉपर्टी एक्ट 1987 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जायेगी।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में परिभाषित किसी भी अपराध करने तथा शांति भंग करने के उद्देश्य से पांच या उससे अधिक व्यक्ति किसी भी स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे।
- कोई भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी ऐसे किसी प्रकार का पोस्टर, पर्चा, आलेख, फोटो का प्रयोग नहीं करेगा, जो किसी व्यक्ति/ समुदाय/ धर्म/ जाति की भावनाओं को आहत करता हो तथा इससे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होता हो।
- कोई भी व्यक्ति अथवा राजनैतिक दल या संगठन, उम्मीदवार/अभ्यर्थी किसी व्यक्ति विशेष के विरूद्ध ऐसे किसी आपत्तिजनक टिप्पणी, विधि-विरूद्ध संदेश का प्रयोग सोशल मीडिया पर या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर नहीं करेंगे।
- कोई भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग राजनैतिक प्रचार के लिए नहीं करेंगे एवं सांप्रदायिक भावना को भड़काने का कार्य नहीं करेंगे।
- कोई भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी मतदाताओं को डराने, धमकाने का कार्य नहीं करेंगे और न ही किसी भी मतदाता को प्रलोभन में लाने का प्रयास करेंगे।
- सरकारी स्वामित्व वाले गेस्ट हाउस, भवन का कोई भी हिस्सा किसी भी राजनैतिक गतिविधियों/ सभा/ बैठक के लिए उपयोग नहीं किया जायेगा।
किसी राजनैतिक दल, अभ्यर्थी अथवा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जायेगा, जिससे विभिन्न जातियों या धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो। - प्रदूषण फैलाने वाले प्रचार सामग्रियों या प्लास्टिक/ पॉलीथीन से बने पोस्टर, बैनर का इस्तेमाल राजनैतिक प्रचार-प्रसार के लिए नहीं किया जायेगा।
- कोई भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी किसी भी प्रकार का लाइसेंसी हथियार लेकर नहीं चलेगा। हालांकि यह आदेश परम्परागत रूप से शस्त्र धारण करने वाले समुदाय (नेपालियों द्वारा खुखरी धारण करने तथा सिखों द्वारा कृपाण धारण करने), विधि-व्यवस्था एवं निर्वाचन कर्त्तव्य पर लगे दण्डधिकारियों/निर्वाचन कर्मियों और पुलिस पदाधिकारियों पर लागू नहीं रहेगा।
- किसी भी व्यक्ति/ राजनैतिक दल/ संगठन/ उम्मीदवार/ अभ्यर्थी द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के संदर्भ में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश के विपरीत कोई भी कार्य नहीं किया जायेगा।
बता दें कि यह आदेश पूवार्नुमति प्राप्त सभा/ जुलूस/ शादी/ बारात पार्टी/ शवयात्रा/ हाट-बाजार/ अस्पताल जा रहे मरीज के साथ-साथ जा रहे व्यक्तियों, विद्यालय एवं महाविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राओं एवं तैनात सरकारी कर्मचारी/ पुलिस बल पर लागू नहीं रहेगा। यह निषेधाज्ञा कैंटोनमेंट क्षेत्र, परीक्षा केंद्रों, सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय/ विश्वविद्यालय को छोड़कर लागू होगा।