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एनएचएम, 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति पर अपर मुख्य सचिव ने की समीक्षा, खर्च तेज करने के निर्देश

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एनएचएम, 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति पर अपर मुख्य सचिव ने की समीक्षा, खर्च तेज करने के निर्देश
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अपर मुख्य सचिव का आदेश- सभी सहिया को तत्काल मानदेय दें 

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, 15वें वित्त आयोग एवं पीएम-अभीम योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा एवं निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ सिद्धार्थ सान्याल भी उपस्थित थे। 

एनएचएम में कम खर्च पर चिंता, जनवरी अंत तक 100% एक्सपेंडिचर का निर्देश 

समीक्षा के दौरान सामने आया कि अब तक एनएचएम मद में मात्र 50 प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी है। इस पर अपर मुख्य सचिव ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि जनवरी के अंतिम सप्ताह तक पूरी राशि खर्च सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि इसके लिए कैंप का आयोजन, बकाया बिलों का त्वरित भुगतान और रूटीन खर्च जैसे मानदेय एवं वेतन मद में तत्काल भुगतान किया जाये। 

सहिया भुगतान और पेंडिंग बिल एक सप्ताह में क्लियर करने का आदेश 

अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी सहिया का लंबित भुगतान तत्काल किया जाए तथा जिनका मानदेय बकाया है, उनका भी शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाये। 

उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी पेंडिंग बिलों का भुगतान किया जाए, ताकि खर्च में तेजी लायी जा सके। साथ ही सिविल सर्जनों को नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया, जिससे अद्यतन स्थिति पर नजर बनी रहे। 

दवाओं की उपलब्धता और ई-औषधि पर एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश 

एनएचएम के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने सभी सिविल सर्जनों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी पीएचसी, सीएचसी एवं अन्य अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं की उपलब्धता की नियमित एंट्री करने और 100 प्रतिशत खर्च शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। 

पीएम-अभीम योजना में धीमी प्रगति पर सख्ती 

बैठक में पीएम-अभीम योजना की भी समीक्षा की गई। जहां खर्च की गति धीमी पायी गयी, वहां अपर मुख्य सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और खर्च बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जहां टेंडर लंबित हैं, वहां शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाये और जहां टेंडर हो चुके हैं, वहां कार्य तुरंत शुरू कराया जाये। 

बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभाव तभी जमीन पर दिखेगा, जब वित्तीय प्रबंधन, समयबद्ध भुगतान और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लायी जायेगी। सभी जिलों को इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया गया।

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