प्रदेश में पहली बार बनेगी बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, इस शहर में होगी स्थापना; स्वास्थ्य मंत्री
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि रांची में जल्द ही एक बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य से बाहर जाकर थैलसीमिया मरीजों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट का खर्च वहन करने पर भी विचार कर रही है।
अंसारी, थैलसीमिया रोगियों की स्थिति को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव द्वारा उठाये गये प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। दरअसल, प्रदीप यादव ने पूछा था कि क्या सरकार के पास थैलसीमिया रोगियों का कोई डेटा है और क्या वह बोन मैरो ट्रांसप्लांट का खर्च उठाने की योजना बना रही है, जो इलाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस मंत्री ने अपने जवाब में कहा कि सरकार थैलसीमिया रोगियों का डेटा जुटा रही है, जो एक महीने में पूरा हो जायेगा। उन्होंने कहा कि चाईबासा में थैलसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों के ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद एचआईवी पॉजिटिव मिलने के बाद सरकार इस मुद्दे पर गंभीर हुई है। उन्होंने बताया कि झारखंड में फिलहाल कोई बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट नहीं है।
अंसारी ने सदन को बताया कि हमने रांची के सदर अस्पताल में 7 करोड़ रुपये की लागत से एक यूनिट स्थापित करने का फैसला किया है। सरकार थैलसीमिया मरीजों के राज्य से बाहर होने वाले बोन मैरो ट्रांसप्लांट, जिसकी लागत लगभग 14 लाख रुपये है, का खर्च वहन करने पर भी विचार कर रही है।
जैसे ही सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष और भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने टइइर एडमिशन में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने झारखंड कॉम्बाइंड एंट्रेंस कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन बोर्ड (खउएउएइ) पर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के दिशा-निदेर्शों का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया।