रांची आरपीएफ ने 13 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करी के जाल से छुड़ाया, बाल मजदूरी के लिए ले जा रहे थे गोवा
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एक ट्रेन से एक लड़की सहित 13 बच्चों को बचाया गया, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी कर गोवा ले जाया जा रहा था।
बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार शाम को खुफिया जानकारी मिली थी कि वास्को डि गामा (वीएसजी) विकली एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए कुछ बच्चों की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मुरी स्टेशन पर ट्रेन में चढ़े।
आरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया, ट्रेन के रांची स्टेशन पर पहुंचने तक सुरक्षाकर्मियों ने बच्चों पर नजर रखी, जहां से उन्हें बचा लिया गया। बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच थी और उनमें से ज्यादातर जसीडीह जंक्शन से ट्रेन में चढ़े थे।
बाल मजदूरी के लिए ले जा रहे थे गोवा
उन्होंने कहा, जब हमने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं और उनके साथ कौन है, तो उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया। उन्हें पता नहीं था कि वे गोवा क्यों जा रहे हैं। उन्होंने बस इतना कहा कि उन्हें गोवा पहुंचना है, जहां उन्हें कुछ काम मिल जायेगा।
उन्होंने बताया कि इसके बाद बच्चों को चाइल्ड लाइन के अधिकारियों को सौंपा गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जीआरपी रांची में मामला दर्ज कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को एक अन्य अभियान में रांची स्टेशन पर तीन आदिवासी लड़कों को बचाया गया।
उन्हें तस्करी करके अगरतला ले जाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि असुर जनजाति के इन लड़कों को अगरतला में एक मिल में काम करने के लिए भेजा जा रहा था। मामले में आरोपी जगतपाल उरांव को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को बताया कि बच्चों को गुमला से रांची लाने के लिए उसे 5,000 रुपये दिये गये थे।