Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 34
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
राज काज

रिम्स की वित्त और लेखा समिति की बैठक में 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
रिम्स की वित्त और लेखा समिति की बैठक में 15 प्रस्तावों पर लगी मुहर
विज्ञापन

स्टाइपेंड में होगी वृद्धि 

टीम एबीएन, रांची। रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) की स्थायी वित्त एवं लेखा समिति की अहम बैठक आज अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में कुल 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गयी, जिनमें से अधिकांश को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी। 

बैठक में सहायक प्राध्यापक और वरीय रेजिडेंट के 9 नये पदों पर नियुक्ति का निर्णय लिया गया। साथ ही, रिम्स में अन्य रिक्त पदों को भरने का भी रास्ता साफ किया गया है। समिति ने रिम्स द्वारा प्रस्तावित कुछ नये पदों के सृजन के अनुरोध पर वेतनमान और शैक्षणिक योग्यता स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ब्लड मोबाइल ट्रांसपोर्टेशन वैन के लिए उपलब्ध बजट का उपयोग कर वाहन क्रय करने की अनुमति भी प्रदान की गया। 

एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के स्टाइपेंड में वृद्धि 

एक बड़े निर्णय में समिति ने एम्स, नई दिल्ली के तर्ज पर रिम्स के एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के स्टाइपेंड में वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया।  

वित्तीय पारदर्शिता और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर 

रिम्स के द्वारा प्रस्तुत 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को समिति ने सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित किया, लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए सीएजी से अप्रूवल लेने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा रिम्स को निर्देश दिया गया कि रिमपास की तर्ज पर संस्थान की सभी इमारतों का आधुनिकीकरण किया जाये ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो। 

ट्रॉमा सेंटर और नयी सुविधाएं 

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि रिम्स परिसर में स्थित बीएसएनएल भवन की जर्जर स्थिति के कारण उसे ढहाकर वहां ट्रॉमा सेंटर बनाया जायेगा। भवन निर्माण विभाग द्वारा इसे पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका है। 

प्रशासनिक दिशा-निर्देश 

बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी मामला टेंडर से पहले समिति में लाया जाये। टेंडर प्रक्रिया के बाद किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जायेगा। इसके साथ ही, एचएमआईएस प्रणाली को सीडैक के माध्यम से लागू करने और दो स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाली कैंटीन सेवाएं शुरू करने का निर्णय भी लिया गया। 

इसके लिए झारखंड भवन की टेंडर प्रक्रिया को मॉडल के रूप में अपनाया जायेगा। यह बैठक रिम्स के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को नयी दिशा देने की दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में मरीजों और छात्रों—दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

विज्ञापन