एबीएन डेस्क, रांची। सरकार राज्य के 59.23 लाख ग्रामीण परिवारों को चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2024 तक नल से जल पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। दिसंबर तक राज्य में करीब 10 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। 34.20 लाख परिवारों पानी पहुंचाने की योजनाएं अनुमोदित कर दी गई हैं। इनमें से 7.85 लाख परिवारों तक पानी पहुंचाने के लिये 5401 करोड़ की 85 (बहुग्राम पेयजलापूर्ति) योजनाओं और 10.92 लाख परिवारों के लिये 3842 करोड़ की 44458 (लघु या एकल ग्राम पेयजलापूर्ति) के लिए योजनाओं का 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शिलान्यास किया गया है। दूसरी ओर, 9830.28 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया, जिससे 19.99 लाख परिवारों में रहने वाले करीब एक करोड़ ग्रामीण आबादी को इस योजना का लाभ मिलेगा। शेष 15.06 लाख परिवारों में से 7.47 लाख परिवारों में जल से नल योजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। इसका भी अनुमोदन जल्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा बाकी के 7.58 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ देने के लिए मार्च 2022 तक योजनाओं का डीपीआर तैयार किया जाएगा। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के मुताबिक सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों और ग्रामीण संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता निरंतर हो इसके लिए झारखंड सरकार संकल्पित है। ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्वछता, स्वास्थ्य, स्वशासन, सुरक्षा, सम्मान के साथ 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को घरेलू नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।