झारखंड के लिए मॉडल बना रांची सदर अस्पताल
देश में नंबर 1 बना रांची सदर अस्पताल : मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में रचा इतिहास
44 निजी डॉक्टर, 25 सुपर स्पेशलिस्ट - मरीजों की सेवा में समर्पित टीम
बाइक एंबुलेंस से लेकर सुपर स्पेशलिटी तक झ्र स्वास्थ्य क्रांति की ओर झारखंड
टीम एबीएन, रांची। सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत - मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि पर झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आज प्रेस वार्ता कर प्रसन्नता व्यक्त की।
डॉ. अंसारी ने कहा कि यह गौरवपूर्ण क्षण है कि रांची सदर अस्पताल ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर झारखंड को गौरवान्वित किया है। यह अस्पताल इस बात का प्रमाण है कि राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। सदर से अब अन्य अस्पताल भी प्रेरणा लेंगे और झारखंड को हम निरामय राज्य के रूप में स्थापित करेंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक अबू इमरान भी उपस्थित रहे। मंत्री ने बताया कि सदर अस्पताल में अब 44 निजी डॉक्टर सेवा दे रहे हैं जो नि:स्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा में समर्पित हैं। उन्होंने अस्पताल के समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई भी दी।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि राँची सदर अस्पताल ने अब तक दो लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिनमें हृदय, छाती, किडनी रोग जैसे गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं।
वर्तमान में अस्पताल में निम्न विशेषज्ञ कार्यरत हैं:
- @25 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर
- @7 विशेषज्ञ चिकित्सक
- @12 मेडिकल आॅफिसर : निजी तौर पर इंपैनल्ड
- आगे मंत्री डॉ. अंसारी ने यह भी बताया कि @राज्य में 104 निजी डॉक्टरों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इंपैनल्ड किया गया है।
- @बाइक एंबुलेंस सेवा शीघ्र शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित स्वास्थ्य सुविधा पहुँचेगी।
- @सदर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया पर कार्य हो रहा है।
- @रिम्स टू परियोजना निश्चित रूप से पूरी होगी और एक विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित होगी।
अंत में मंत्री ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति के दौर से गुजर रहा है। सदर अस्पताल इसका उदाहरण है और हम पूरे राज्य में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।