एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान और भारत ने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का शनिवार को आदान-प्रदान किया। दरअसल, दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ने पर इन प्रतिष्ठानों पर हमला नहीं किया जा सकता है। विदेश कार्यालय ने यहां एक बयान में यह जानकारी दी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच यह वार्षिक रस्म तीन दशकों से भी पुरानी है। बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने अपने-अपने यहां कैद रखे गये एक-दूसरे के नागरिकों की सूची का भी आदान-प्रदान किया, जिनमें आम आदमी, रक्षा कर्मी और मछुआरे शामिल हैं। पाकिस्तान में स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों एवं केंद्रों की सूची यहां विदेश मंत्रालय में आधिकारिक रूप से भारतीय उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को शनिवार को सौंपी गई। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान में कहा है कि इसी तरह, नयी दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों और केंद्रों की सूची पाकिस्तान उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को सौंपी। पाकिस्तान ने अपने यहां कैद 628 भारतीयों की सूची इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के साथ साझा की। पाकिस्तान और भारत ने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का शनिवार को आदान-प्रदान किया। दरअसल, दोनों देशों के बीच शत्रुता बढ़ने पर इन प्रतिष्ठानों पर हमला नहीं किया जा सकता है। विदेश कार्यालय ने यहां एक बयान में यह जानकारी दी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच यह वार्षिक रस्म तीन दशकों से भी पुरानी है। बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने अपने-अपने यहां कैद रखे गये एक-दूसरे के नागरिकों की सूची का भी आदान-प्रदान किया, जिनमें आम आदमी, रक्षा कर्मी और मछुआरे शामिल हैं। पाकिस्तान में स्थित परमाणु प्रतिष्ठानों एवं केंद्रों की सूची यहां विदेश मंत्रालय में आधिकारिक रूप से भारतीय उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को शनिवार को सौंपी गई। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बयान में कहा है कि इसी तरह, नयी दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों और केंद्रों की सूची पाकिस्तान उच्चायोग के एक प्रतिनिधि को सौंपी। पाकिस्तान ने अपने यहां कैद 628 भारतीयों की सूची इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के साथ साझा की।
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