Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 17
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
राज काज

आयुष्मान में धांधली रोकने को लेकर ईडी की दबिश

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
आयुष्मान में धांधली रोकने को लेकर ईडी की दबिश
विज्ञापन

झारखंड में आयुष्मान भारत से जुड़ी योजनाओं में धांधली का क्या है मामला; तीन राज्यों में ईडी की दबिश क्यों?

टीम एबीएन, रांची। प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को झारखंड में कई स्थानों पर छापेमारी की। छापेमारी आयुष्मान भारत से जुड़ी योजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गयी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने करीब 21 स्थानों पर छापेमारी की। जांच केंद्र सरकार की सार्वभौमिक स्वास्थ्य योजना में कुछ कथित अनियमितताओं से संबंधित है। 

जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीमों की ओर से रांची के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है। टीम एदलहातू, बरियातू, लालपुर, पीपी कंपाउंड, चिरौंदी, अशोक नगर में छापेमारी कर रही है। ज्यादातर कार्रवाई मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी के ठिकानों पर की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय ने क्या कहा

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना घोटाले के संबंध में आज झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में 21 स्थानों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली जा रही है। ईडी के मुताबिक, छापेमारी वाले परिसर कथित धोखाधड़ी नेटवर्क में प्रमुख संदिग्धों से संबंधित हैं। 

इनमें सलाहकार, संबद्ध फर्मों के पूर्व अधिकारी, झारखंड राज्य आरोग्य सोसायटी (जेएसएएस) से जुड़े अधिकारी या सलाहकार, थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (एमडी इंडिया, सेफवे, मेडी असिस्ट जैसे टीपीए) के कर्मचारी, कार्यालय और उनके सहयोगी शामिल हैं। झारखंड के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव ओम प्रकाश सिंह से जुड़े परिसर पर भी छापेमारी चल रही है।

ईडी की जांच में क्या पता चला? 

ईडी ने बताया कि ईडी की जांच से पता चलता है कि आयुष्मान भारत योजना में व्यवस्थित धोखाधड़ी के माध्यम से अपराध की आय पैदा की गयी थी। इसमें अस्पताल के पैनल में हेरफेर और कमीशन या किकबैक की मांग करने वाले एक गैंग की ओर से सुगम बनाये गये फर्जी दावों की प्रक्रिया शामिल थी।

विज्ञापन